चीन में नए वायरस की दस्तक:अब तक 35 लोग संक्रमित; गंभीर बीमारी से लिवर, किडनी फेलियर का खतरा

बीजिंग4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

लगभग तीन साल पहले चीन में कोरोना वायरस मिलने के बाद अब यहां एक और वायरस मिला है। इसका नाम लैंग्या हेनिपावायरस (Langya Henipavirus) है। इससे चीन के शेडोंग और हेनान प्रांतों में 35 लोग संक्रमित पाए गए हैं। कहा जा रहा है कि इस वायरस का संबंध हेंड्रा और नीपा वायरस से है। आइए जानते हैं लैंग्या हेनिपावायरस के बारे में अब तक मिली जानकारी...

वायरस लिवर, किडनी के लिए खतरनाक

इस वायरस को सबसे पहले उन लोगों के रूटीन चेकअप में डिटेक्ट किया गया, जो हाल ही में जानवरों के संपर्क में आए थे और बुखार का शिकार हुए थे। वायरस की पुष्टि होने के बाद संपर्क में आए दूसरे लोगों की भी जांच की जा रही है।

साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस के लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान, भूख न लगना, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और जी मिचलाना शामिल हैं। गंभीर रूप से बीमार लोगों में निमोनिया और लिवर और किडनी फंक्शन में असमान्यता भी देखी गई। मरीजों की मौत की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

कहां से फैला​​ ​लैंग्या हेनिपावायरस?

25 जंगली जानवरों की प्रजातियों में से जंगली छछूंदर में इस वायरस की पहचान हुई है।
25 जंगली जानवरों की प्रजातियों में से जंगली छछूंदर में इस वायरस की पहचान हुई है।

ताइवान सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने लैंग्या हेनिपावायरस पर एक स्टडी की है। रिसर्चर्स के अनुसार घरेलू जानवरों की जांच करने पर बकरियों में वायरस के 2% और कुत्तों में 5% केस मिले हैं। वहीं, 25 जंगली जानवरों की प्रजातियों में से जंगली छछूंदर में इस वायरस की पहचान हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी से वायरस के इंसानों में फैलने की संभावना है।

नीपा और हेंड्रा वायरस से संबंध

लैंग्या हेनिपावायरस का हेंड्रा और नीपा वायरस से कनेक्शन बताया जा रहा है। ये दोनों ही वायरस इंसानों में फैलते हैं। हेंड्रा वायरस पहली बार क्वीन्सलैंड में 1994 में पाया गया था। उस वक्त संक्रमण से 14 घोड़ों और उनके ट्रेनर की मौत हुई थी। इससे अब तक 100 से ज्यादा घोड़ों और कई लोगों की जान जा चुकी है।

नीपा वायरस दुनियाभर में हेंड्रा से ज्यादा फैला है। बांग्लादेश में इसके कई आउटब्रेक हो चुके हैं। इसका पहला आउटब्रेक मलेशिया और सिंगापुर में उन लोगों में हुआ था, जो सुअरों के संपर्क में थे। ये इंसान से इंसान में फैलता है। भारत में भी नीपा वायरस जानलेवा साबित हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो 40-75% मामलों में मरीजों की मौत हो जाती है।

खबरें और भी हैं...