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चीनी वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला प्रयोग:नर चूहों ने दिया बच्चों को जन्म, 21 दिनों में इनमें चूहों के बच्चे विकसित हुए; सभी बच्चे स्वस्थ रहे

4 महीने पहले
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  • शंघाई की नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया प्रयोग
  • पेटा ने जानवरों को 'डिस्पोजेबल चीज' समझने पर जताया विरोध

चीन में नर चूहों ने बच्चों को जन्म दिया है। यह प्रयोग शंघाई की नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों ने इसे रैट मॉडल नाम दिया है। हालांकि, चीनी वैज्ञानिकों के इस प्रयोग की आलोचना भी की जा रही है।

नर चूहों ने ऐसे बच्चे पैदा किए
चीनी वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च को चार भाग में पूरा किया है। वैज्ञानिकों ने सबसे पहले नर और मादा चूहे को अगल-बगल रखकर स्किन में टांका लगाकर जोड़ा। फिर मादा चूहों की बच्चेदानी को बाहर निकाला। इसे नर चूहों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया। फिर नर चूहों को प्रेग्नेंट किया गया और सिजेरियन की मदद से डिलीवरी कराई गई।

21 दिनों में विकसित हुआ भ्रूण
वैज्ञानिकों का कहना है, चूहों को प्रेग्नेंट करने के बाद अगले 21.5 दिनों तक इनमें भ्रूण विकसित हुए। समय पूरा होने पर इनकी सर्जरी की। रिसर्च में सामने आया कि जन्मे सभी नर बच्चे अगले तीन महीने तक जिंदा रह सकते हैं। ये बच्चे स्वस्थ रहे। वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे भ्रूण भी मिले जिनकी मौत हो चुकी थी और वो सामान्य भ्रूण से आकार और रंग में अलग थे।

पहली बार ऐसा मॉडल बनाया

रिसर्च के मुताबिक, यह प्रयोग 46 चूहों पर किया गया है। इनमें 280 भ्रूण इम्प्लांट किए गए थे। चीनी वैज्ञानिकों कहना है, पहली बार ऐसा मॉडल तैयार किया गया है जिसमें नर स्तनधारी को प्रेग्नेंट किया गया है। रिसर्च से साबित होता है कि ऐसे स्तनधारियों में सामान्य भ्रूण के विकास की संभावना है।

जानवरों को डिस्पोजेबल चीज न समझें
पेटा की सीनियर एडवाइजर एमिली मैकइवर ने चीनी वैज्ञानिकों के इस प्रयोग की आचोचना की है। वह कहती हैं, जानवरों को डिस्पोजेबल चीज नहीं समझा जाना चाहिए। ये प्रयोग इंसान की जिज्ञासा से प्रेरित है।

वह कहती हैं, जानवरों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें शांति से छोड़ना चाहिए। उन्हें लैब में नहीं पैदा किया जा सकता। दो चूहों को सर्जरी में शामिल करके लम्बे समय तक पीड़ा देना अनैतिक है।

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