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बढ़ती उम्र में हड्डियों की सेहत इसलिए जानना जरूरी:बुजुर्ग महिलाओं में कमजोर होती हड्डियों के कारण सोचने-समझने की क्षमता भी घटती है, जानिए बोन्स को कैसे मजबूत बनाएं

14 दिन पहले
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  • गारवां इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च के शोधकर्ताओं का दावा
  • कहा, उम्र बढ़ने पर हड्डियों की सेहत पर भी नजर रखते की जरूरत

बढ़ती उम्र में महिलाओं में सोचने-समझने की क्षमता घटने की एक वजह वैज्ञानिकों ने बताई है। वैज्ञानिकों का कहना है, हड्डियों को होने वाले नुकसान और फ्रैक्चर के बढ़ते खतरे के कारण ऐसा हो सकता है। गारवां इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी कहती है, 65 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों में सोचने-समझने की क्षमता घटना और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ना, दो बड़े खतरे हैं। ये दोनों ही साइलेंट डिजीज हैं, यानी ये शरीर को इतने धीरे-धीरे जकड़ती है कि इंसान को पता नहीं चल पाता।

हड्डियों की सेहत जांचना जरूरी
16 साल तक चली रिसर्च कहती है कि बुजुर्गों में सोचने-समझने की क्षमता घटना और फ्रैक्चर होने का खतरा लम्बे समय तक बना रहता है। इसे समझ न पाने के कारण लोग इसका इलाज भी नहीं करा पाते।

शोधकर्ता जैकलीन सेंटर के मुताबिक, बढ़ती उम्र में हड्डियों की सेहत से इंसान की सोचने-समझने की क्षमता को मॉनिटर किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि उम्र के इस पड़ाव पर हड्डियों से जुड़ी जांच कराएं और समय पर इसका इलाज लें।

इस तरह बढ़ता है मौत का खतरा
शोधकर्ता डॉ. डाना ब्यूइक कहते हैं, सोचने-समझने की क्षमता गिरने और हड्डियों को हो रहे नुकसान का सीधा असर इंसान के चलने-फिरने पर पड़ता है। इससे मौत का खतरा बढ़ता है। रिसर्च में यह भी पता चला है कि याद्दाश्त की समस्या यानी डिमेंशिया से जूझने वाले बुजुर्गों में हिप फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है।

यह पहली ऐसी स्टडी है जिसमें बुजुगों की सोचने-समझने की क्षमता और हड्डियों की सेहत के बीच कनेक्शन पाया गया है। इसका असर लम्बे तक होता है।

ऐसे रखें अपनी हड्डियों का ख्याल

  • कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी पूरी करें: डाइटीशियन डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं, रोजाना अपनी डाइट में कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट जैसे- टोफू, सोया मिल्क ले सकते हैं। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और फलियां जरूर शामिल करें।
  • रोजाना 10 मिनट सुबह की धूप में बैठें: हफ्ते में दो से तीन बार सुबह की पहली धूप में 10 से 15 तक बैठें। इससे शरीर में विटामिन-डी की पूर्ति होती है। शरीर में कैल्शियम एब्जॉर्ब हो सके इसके लिए भी विटामिन-डी होना जरूरी है।
  • हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें: रोजाना 30 मिनट तक हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी करें। ये हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। अपने रूटीन में योग, वॉक और बॉडी मूवमेंट को शामिल कर सकते हैं।
  • हड्डियों की जांच है जरूरी: अक्सर लोग कमजोर हो रही हड्डियों को समझ नहीं पाते, नतीजा फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ता जाता है। इसे रोकने के लिए समय-समय पर बोन डेंसिटी जांच कराएं।
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