अब सुई का तेज दर्द नहीं सहना होगा:एक पैच से दी जा सकेगी वैक्सीन, इससे शरीर में इम्यून रिस्पॉन्स भी 10 गुना तेज रहता है और घर बैठे लोग अपने आप लगा सकेंगे टीका

2 महीने पहले
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दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीनेशन के दौरान लगने वाले सुई के डर को कम करने में जुटे हैं। इसी सुई के डर और दर्द को कम करने के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 3डी प्रिंटेड वैक्सीन पैच तैयार किया है। इससे वैक्सीन लगाना और आसान होगा।

वैक्सीन पैच को अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ नॉथ कैरोलिना ने मिलकर तैयार किया है। जल्द ही इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा। पहला ट्रायल जानवरों पर होगा। वैज्ञानिकों ने इसके लिए अमेरिका में एप्रूवल मांगा है।

इसका इम्यून रिस्पॉन्स ज्यादा तेज
वैज्ञानिकों का दावा है कि हाथ में सुई से टीका लगने मुकाबले यह वैक्सीन पैच 10 गुना ज्यादा तेजी से इम्यून रिस्पॉन्स देता है। पैच की मदद से वैक्सीन शरीर में पहुंचने पर टी-सेल्स और एंटीबॉडी का रिस्पॉन्स हाथों में इंजेक्शन से लगवाने वाली वैक्सीन के मुकाबले ज्यादा तेज रहा है।

शोधकर्ताओं का कहना है, इस पैच की मदद से स्किन की इम्यून सेल्स तक सीधे वैक्सीन पहुंचाई जा सकती है। जो वैक्सीन के काम करने के लिए सबसे बेहतर स्थिति है। ट्रायल के दौरान पैच की मदद चूहे को वैक्सीन लगाई और उसमें एंटीबॉडी का रिस्पॉन्स काफी तेज था।

कैसे काम करता है वैक्सीन पैच
वैक्सीन पैच में बेहद बारीक 3डी प्रिंटेड माइक्रोनिडिल (सुई) लगी हुई हैं। इस पैच को स्किन पर रखकर वैक्सीन लगाते हैं। बेहद बारीक सुई की मदद से स्किन से होते हुए वैक्सीन सीधे शरीर में पहुंचती है। आम सुई के मुकाबले इससे महसूस होने वाला दर्द काफी कम रहता है।

स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जोसेफ एम डीसिमोन कहती हैं, तकनीक के बदलते दौर में हमें सुई के डर के कारण होने वाली बेचैनी को कम करने की जरूरत है। इसके साथ ही वैक्सीन डोज की मात्रा को भी घटाया जा सकता है। पैच की मदद से लोगों को नई तरह से वैक्सीन दी जा सकती है। खास बात है कि इसे इंसान खुद लगा सकता है।

यहां भी सुई के डर को खत्म करने की कोशिश
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया रिवरसाइड के वैज्ञानिक ऐसा पौधा विकसित कर रहे हैं जिसे खाने के बाद इंसान के शरीर में वैक्सीन पहुंच जाएगी। इसकी शुरुआत कोविड वैक्सीन से होगी। आसान भाषा में समझें तो लोगों को पौधा खिलाकर कोविड की वैक्सीन दी जाएगी।

वैज्ञानिक पौधे की मदद से कोरोना की mRNA वैक्सीन को इंसान में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जुआन पाब्लो कहते हैं, एक पौधा एक इंसान के लिए पर्याप्त mRNA का निर्माण करेगा और उसे वैक्सीनेट किया जा सकेगा। पौधे के जरिए वैक्सीन पहुंचना हमारा लक्ष्य है, इसके लिए हम अपने बगीचे में पालक और लेट्टुस उगा रहे हैं।

सुई के डर से 10% लोग नहीं लगवा रहे वैक्सीन
सुई के डर से 10 फीसदी लोग वैक्सीन ही नहीं लगवा रहे हैं। यह बात ऑक्सफोर्ड कोरोनावायरस एक्सप्लेनेशंस, एटीट्यूड एंड नैरेटिव्स के सर्वे में सामने आई है। सुई से लगने वाले डर को ब्लड-इंजेक्शन इंजरी कहते हैं। इससे जूझने वाले लोगों में सुई के नाम से ही ब्लड प्रेशर गिरने लगता है है, घबराहट और बेचैनी बढ़ जाती है। कई मामलों में इंसान बेहोश भी हो जाता है।

सुई से सबसे ज्यादा डर युवाओं में

इंग्लैंड में 15 हजार लोगों पर हुए सर्वे में सामने आया कि इनमें से एक चौथाई लोगों सुई से डर लगता था। सुई से सबसे ज्यादा डर युवाओं और अल्पसंख्यकों को लगता है। वैक्सीन कब लगवाएंगे, यह सवाल जब सर्वे में शामिल लोगों से पूछा गया तो जवाब था कि बाद में लगवाएंगे या जब हिम्मत होगी तो लगवाएंगे।

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