कोविड के असर खत्म करने की कोशिश:रिकवरी के बाद मरीजों में स्वाद और खुशबू न पहचान पाने की समस्या दूर कर सकती है विटामिन-ए वाली नेजल ड्रॉप; इंसानों पर ट्रायल की तैयारी शुरू

15 दिन पहले
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कोविड से रिकवरी के बाद भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो अब भी स्वाद और खुशबू को नहीं महसूस कर पा रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए इंग्लैंड के वैज्ञानिकों ने विटामिन-ए वाली नेजल ड्रॉप तैयार की है। यह ड्रॉप मरीज को नाक के जरिए दी जाएगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह नेजल ड्रॉप मरीजों की खुशबू और स्वाद को महसूस करने की क्षमता को वापस लौटाने का काम कर सकती है।

शुरू होगा 12 हफ्ते तक चलने वाला ट्रायल
इस नेजल ड्रॉप को इंग्लैंड की ईस्ट एंगलिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। इसके असर की जांच के लिए जल्द ही वैज्ञानिकों की टीम इंसानों पर 12 हफ्ते का ट्रायल शुरू करेंगे। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह ट्रायल सफल होगा और दुनिया के लाखों को लोगों को खुशबू-स्वाद न पहचान पाने की समस्या से राहत मिलेगी।

कैसे काम करेगी नेजल ड्रॉप
कोरोना संक्रमित करने के बाद नाक के कुछ टिश्यूज को डैमेज करता है। इसके बाद मरीज को स्वाद और खुशबू का अहसास होना बंद हो जाता है। वैज्ञानिक भाषा में एनोस्मिया कहते हैं। यह विटामिन-ए वाली नेजल ड्रॉप उसी डैमेज को रिपेयर करने का काम करती है। एक्सपर्ट्स का कहना है, जर्मनी में हुई स्टडी भी कहती है, विटामिन-ए ऐसे मामलों में फायदेमंद साबित होता है।

रिसर्च में भी हुई है पुष्टि
फ्रेंच शोधकर्ताओं ने जून में हुई अपनी रिसर्च में पाया था कि कोविड से रिकवर होने वाले मरीज में 12 महीने के बाद स्वाद और गंध महसूस करने की क्षमता वापस लौट आती है। शोधकर्ताओं का कहना है, कुछ कोविड के ऐसे मरीज भी मिले जिनमें ऐसा नहीं हो पाया। उनका मानना है कि कुछ और समय के बाद मरीजों में सब कुछ सामान्य हो सकता है।

रिकवरी के बाद भी 5 फीसदी मरीज एनोस्मिया से जूझ रहे हैं।
रिकवरी के बाद भी 5 फीसदी मरीज एनोस्मिया से जूझ रहे हैं।

यह है खुशबू और स्वाद न पहचान पाने की वजह
वैज्ञानिक कहते हैं, स्वाद न मिलने का सीधा सम्बंध खुशबू न महसूस हो पाने से होता है। संक्रमण के दौरान कोरोनावायरस नाक की मेम्ब्रेन में गंध को महसूस करने वाली कोशिकाओं को डैमेज कर देता है। हालांकि कुछ समय बाद ये अपने आप रिपेयर हो जाती हैं। लेकिन कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिनमें रिकवरी के बाद भी ये पहले की तरह काम नहीं कर पा रही हैं। नतीजा, मरीज खुशबू और स्वाद नहीं महसूस कर पाता।

रिकवरी के सालभर बाद भी लक्षण जारी
कोविड के दौरान हुआ एनोस्मिया मरीज में लम्बे समय तक बरकरार रह सकता है। कोरोना से रिकवर होने वाले करीब 5 फीसदी मरीज अभी भी ऐसी स्थिति से जूझ रहे हैं। मरीजों में इतने लम्बे तक ये लक्षण क्यों दिख रहे हैं, वैज्ञानिक इसका जवाब ढूंढने में लगे हैं।

क्या करता है विटामिन-ए
एक्सपर्ट के मुताबिक, विटामिन-ए स्किन, शरीर के रोगों से लड़ने वाले इम्यून सिस्टम और लाइनिंग वाले हिस्से जैसे नाक को बेहतर काम करने में मदद करता है। यह चीज, अंडे, मछली में अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

पुरुषों को एक दिन में औसतन 0.7mg और महिलाओं को 0.6mg विटामिन-ए की जरूरत होती है। आमतौर पर खानपान से ही इसकी पूर्ति हो जाती है। बॉडी में इसकी अधिक मात्रा होने पर सीधा असर हड्डियों पर पड़ता है।

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