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पानी पीने का एक फायदा यह भी:हार्ट फेल होने का खतरा घटाना है तो रोजाना 8 गिलास पानी पिएं, पानी से सीरम सोडियम को कंट्रोल कर सकते हैं यही खतरा बढ़ाता है

3 महीने पहले
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रोजाना आप 8 गिलास पानी पीते हैं तो हार्ट फेल होने का खतरा घट जाता है। शरीर में पानी की कमी पूरी करके ऐसा होने से रोका जा सकता है। 25 साल तक 15,792 लोगों पर हुई स्टडी कहती है, शरीर में पानी की कमी होने पर हार्ट फेल होने का रिस्क बढ़ता है।

रिसर्च करने वाले अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के वैज्ञानिकों ने 15,792 लोगों के सीरम सोडियम का लेवल जांचा। ब्लड में सोडियम की मात्रा से पता चलता है कि शरीर में पानी कमी है या नहीं। आमतौर पर एक्सपर्ट एक इंसान को रोजाना 2 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं लेकिन पिछले कई अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि लोग इतना पानी नहीं पीते हैं।

दुनियाभर में सबसे ज्यादा मौतें हृदय रोगों से होती हैं। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक, दुनियाभर में हर 3 में से 1 मौत हृदय रोग से हो रही है। इसके 80 फीसदी मामले मध्य आय वर्ग वाले देशों में सामने आते हैं।

पानी पीने से हार्ट फेल होने का खतरा कैसे घटता है

  • शोधककर्ता नतालिया डीमिट्रिवा कहती हैं, हमारा अध्ययन कहता है शरीर में पर्याप्त पानी होने पर हार्ट के अंदर होने वाले ऐसे बदलावों को रोका जा सकता है जो हार्ट फेल होने की वजह बनते हैं।
  • रिसर्च में यह साबित हुआ है, सीरम सोडियम का घटता-बढ़ता लेवल हार्ट फेल के खतरे को बढ़ाता-घटाता है। सीरम सोडियम को लेवल मेंटेन रखने के लिए पानी पीने की सलाह दी जाती है।
  • शोधकर्ताओं का कहना है, इसके अलावा उम्र, ब्लड कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, बॉडी मास इंडेक्स, किडनी की स्थिति और स्मोकिंग भी हार्ट फेल होने के रिस्क को बढ़ाते हैं।

कितना होना चाहिए सीरम सोडियम

शोधकर्ताओं का कहना है प्रति 1 mmol/l सीरम सोडियम कन्सनट्रेशन बढ़ने पर हार्ट फेल होने का खतरा 1.11 गुना और लेफ्ट वेंट्रीकुलर हायपरट्रॉफी का रिस्क 1.2 गुना तक तक बढ़ सकता है।

अगर सीरम सोडियम का लेवल 142 mmol/l तक बढ़ जाता है हार्ट फेल होने का खतरा भी बढ़ता है। ऐसा होने पर शरीर में पानी की कमी पूरी करने की जरूरत होती है।

हार्ट को हेल्दी कैसे रखें, 5 बातों से समझें

खानपान : मोटा अनाज और कम मीठे फल लें

गेहूं की रोटी की जगह बाजरा, ज्वार या रागी अथवा इनका आटा मिलाकर बनाई रोटी खाएं। आम, केला, चीकू जैसे ज्यादा मीठे फल कम खाएं। इनके बजाय पपीता, कीवी, संतरा जैसे कम मीठे फल खाएं। तली और मीठी चीजें जितना कम कर दें, उतना बेहतर है। जितनी भूख से उससे 20 फीसदी कम खाएं और हर 15 दिन में वजन चेक करते रहें।

वर्कआउट : 45 मिनट की एक्सरसाइज या वॉक जरूरी

सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक कसरत करें। वॉकिंग भी करते हैं तो असर दिखता है। दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह मोटापा है। वजन जितना बढ़ेगा और हृदय रोगों का खतरा उतना ज्यादा रहेगा। फिटनेस को इस स्तर पर लाने का प्रयास करें कि सीधे खड़े होने पर जब आप नीचे नजरें करें तो बेल्ट का बक्कल दिखे। अगर एक से डेढ़ किलोमीटर जाना है तो पैदल जाएं।

लाइफस्टाइल : जल्दी सोने-जल्दी उठने का रुटीन बनाएं, 7 घंटे की नींद जरूरी

रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें। जल्दी सोने और जल्द उठने का रूटीन बनाएं। रात 10 से सुबह 6 बजे तक सोने का आदर्श समय है। इससे शरीर नाइट साइकिल में बेहतर आराम कर सकेगा। तनाव लेने से बचें, इसका सीधा असर मस्तिष्क और हृदय पर होता है।

धूम्रपान-अल्कोहल : इससे जितना दूर रहेंगे, हार्ट उतना हेल्दी रहेगा

धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें। लगातार धूम्रपान करने से उसका धुआं धमनियों की लाइनिंग को कमजोर करता है। इससे धमनियों में वसा के जमा होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। इसी तरह अल्कोहल से दूरी बना लेते हैं तो हार्ट हेल्दी रहेगा।

सोशल मीडिया : हार्ट को हेल्दी रखने के लिए अफवाहों से बचना भी जरूरीहृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत पाटिल कहते हैं, सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर आए मैसेज में कई तरह के दावे किए जाते हैं जो आपकी सेहत को बिगाड़ सकते हैं। हार्ट को लेकर भी कई अफवाह वायरल होती हैं। जैसे- दिन की शुरुआत 4 गिलास पानी से करते हैं तो हृदय रोगों का खतरा नहीं होता। ऐसे मैसेजेस से बचें और कोई भी जानकारी लेने के लिए डॉक्टर पर ही भरोसा करें, वरना ये हालत को सुधारने की बजाय और बिगाड़ सकते हैं।

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