आज पृथ्वी के सबसे करीब बृहस्पति:धनु-मीन-कन्या राशि को फायदा, मौसम पर भी असर; अगला दुर्लभ संयोग 107 साल बाद

2 महीने पहले
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अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आज की रात बेहद खास है। बृहस्पति ग्रह (जुपिटर) 59 साल बाद पृथ्वी के सबसे करीब आने वाला है। यानी, इस दौरान दोनों ग्रहों के बीच की दूरी सबसे कम होगी। वैज्ञानिकों की मानें तो आज के बाद यह दुर्लभ संयोग 107 वर्ष बाद साल 2129 में बनेगा।

दोनों ग्रहों के बीच कितनी दूरी होगी?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मुताबिक, इस घटना के दौरान बृहस्पति और पृथ्वी के बीच सिर्फ 59.1 करोड़ किलोमीटर की दूरी होगी। बृहस्पति जब पृथ्वी से सबसे दूर होता है, तब यह दूरी 96.5 करोड़ किलोमीटर होती है। बता दें कि बृहस्पति हर 13 महीने में पृथ्वी के करीब आता है, लेकिन कभी इतना नजदीक नहीं होता। हालांकि यह तब भी ज्यादा बड़ा और चमकीला नजर आता है।

मीन, धनु, कन्या राशियों को लाभ
ज्योतिष शास्त्री पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि बृहस्पति के निकट आने से मीन, धनु और कन्या राशि वाले लोगों को ज्यादा लाभ होगा। साथ ही व्यापार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट की बात करें तो इसमें बढ़त दर्ज की जाएगी और सोने, प्लैटिनम जैसी धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जाएगी। गुरु के धरती के करीब आने से लोगों की आस्था और भक्ति भावना में भी वृद्धि होगी।

बृहस्पति के नजदीक आने का असर मौसम पर भी दिखाई देगा। दक्षिण भारत के राज्यों, बिहार व बंगाल में जाते हुए मानसून की अच्छी बारिश हो सकती है। इस साल सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच अक्टूबर-नवंबर में भी अच्छी बारिश होने वाली है।

दुनियाभर में देखी जा सकेगी घटना
कोलकाता के एमपी बिड़ला प्लैनेटेरियम के अनुसार बृहस्पति ग्रह आसमान में -2.9 मैग्निट्यूड के साथ चमकेगा। इससे वह बेहद बड़ा और चमकदार दिखाई देगा। जैसे-जैसे रात होगी, वैसे-वैसे यह आकाश में ज्यादा साफ नजर आएगा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यह घटना सोमवार शाम 5 बजकर 29 मिनट से मंगलवार सुबह 5 बजकर 31 मिनट तक देखी जा सकेगी।

बृहस्पति पर मौजूद ग्रेट रेड स्पॉट देखने के लिए बड़े टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बृहस्पति पर मौजूद ग्रेट रेड स्पॉट देखने के लिए बड़े टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दूरबीन या टेलिस्कोप से देखें
अंतरिक्ष प्रेमी बृहस्पति को टेलिस्कोप या दूरबीन की मदद से देख सकते हैं। रोज की तुलना में आज चंद्रमा भी केवल 17% रोशन रहेगा, जिससे बृहस्पति और बेहतर नजर आएगा। मौसम साफ रहा तो नजारा और भी बेहतर बन जाएगा। यदि आप ग्रह की अनोखी विशेषताएं जैसे ग्रेट रेड स्पॉट देखना चाहते हैं, तो आप 4 इंच या उससे भी बड़े टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है बृहस्पति
बृहस्पति हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। यह पृथ्वी से लगभग 11 गुना बड़ा है। वैज्ञानिकों की मानें तो 79 चंद्रमा इसकी परिक्रमा करते हैं। यह सबसे तेज गति से अपने अक्ष पर सूर्य का चक्कर लगाने वाला ग्रह है। इसे सूरज की एक परिक्रमा करने में 11.86 साल का वक्त लगता है। बृहस्पति ग्रह की खोज 1611 ई. में गैलीलियो गैलिलेई ने की थी। इसके वायुमंडल में मुख्य तौर पर हाइड्रोजन और हीलियम गैस, कम मात्रा में मीथेन और अमोनिया गैस पाई जाती हैं।