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पहली बार इंसान के खून में मिला माइक्रोप्लास्टिक:खाने-पीने की चीजों से शरीर में हो रही प्लास्टिक की एंट्री, इससे हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

10 महीने पहले
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प्लास्टिक को बंद करने और इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए दुनिया भर में अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं। कुछ समय पहले यह खबर आई थी कि समुद्री जीवों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक पहुंच रहा है, जिससे उनकी मौत हो रही है।

अब नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली रिसर्च की है। उन्होंने इंसान के खून में भी प्लास्टिक के टुकड़े ढूंढ निकाले हैं। ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ है। ये टुकड़े दिखने में बहुत छोटे यानी माइक्रोप्लास्टिक हैं। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 22 लोगों के नमूने लिए थे, जिनमें से 17 के खून में प्लास्टिक के पार्टिकल पाए गए। इस बात को बेहद चिंताजनक बताया जा रहा है।

पहले जान लें, क्या होता है माइक्रोप्लास्टिक?

बिना मैग्निफाइंग ग्लास के माइक्रोप्लास्टिक पार्टिकल्स को देख पाना असंभव है।
बिना मैग्निफाइंग ग्लास के माइक्रोप्लास्टिक पार्टिकल्स को देख पाना असंभव है।

माइक्रोप्लास्टिक 5 मिलीमीटर या इससे कम आकार के छोटे प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं। यह इतने छोटे होते हैं कि बिना मैग्निफाइंग ग्लास के इन्हें आंखों से देख पाना मुश्किल है। वैज्ञानिक अभी भी इन छोटे पार्टिकल्स के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। ये पानी, खाने के सामान और जमीन की सतह जैसी जगहों में मौजूद रहते हैं। इनके जरिए ये शरीर में पहुंचते हैं।

खून में मिले 5 तरह के माइक्रोप्लास्टिक

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों को इंसानों के खून में 5 तरह के प्लास्टिक मिले हैं। इनमें मुख्य रूप से पॉलीमेथाइल मेथैक्रिलेट (PMMA), पॉलीप्रोपाइलीन (PP), पॉलीस्टाइनिन (PS), पॉलीइथाइलीन (PE), और पॉलीइथाइलीन टेरेफ्थेलेट (PET) शामिल हैं।

शरीर में जा रहा बॉटल, फूड पैकेज का प्लास्टिक

पानी की बॉटल और फूड पैकेट का प्लास्टिक ही आगे जाकर माइक्रोप्लास्टिक में तब्दील हो जाता है।
पानी की बॉटल और फूड पैकेट का प्लास्टिक ही आगे जाकर माइक्रोप्लास्टिक में तब्दील हो जाता है।

इसके अलावा 23% लोगों में पॉलीइथाइलीन (PE) मिला, जो प्लास्टिक बैग में पाया जाता है। केवल एक व्यक्ति में पॉलीमेथाइल मेथैक्रिलेट (PMMA) मिला और किसी भी खून के नमूने में पॉलीप्रोपाइलीन (PP) नहीं था।

शरीर में ऐसे होती है प्लास्टिक की एंट्री

प्लास्टिक हवा के साथ-साथ खाने-पीने की चीजों से भी इंसान के शरीर में एंट्री कर सकता है। लोगों को यह पता ही नहीं होता कि प्लास्टिक के छोटे-छोटे पार्टिकल खाने, पानी पीने और सांस लेने के दौरान उनके शरीर के अंदर जा रहे हैं।

हो सकती हैं कई तरह की बीमारियां

माइक्रोप्लास्टिक दिखने में छोटा होता है, लेकिन ये कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है।
माइक्रोप्लास्टिक दिखने में छोटा होता है, लेकिन ये कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

नीदरलैंड्स के व्रीजे यूनिवर्सिटी एम्स्टर्डम के प्रोफेसर डिक वेथाक ने कहा कि चिंतित होना उचित है क्योंकि माइक्रोप्लास्टिक के ये पार्टिकल इंसान के पूरे शरीर में भी जा सकते हैं। ये एक जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकते हैं। अभी इस विषय पर और रिसर्च की जरूरत है।

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