बीमार करने वाले व्हाइट फूड:मैदा, नमक अजीनोमोटो और शक्कर कैंसर, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ाते हैं, जानिए ये शरीर को कैसे पहुंचाते हैं नुकसान

23 दिन पहले
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स्वस्थ शरीर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कम खाना और ज्यादा शारीरिक मेहनत करना। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का होना। बदली हुई जीवनशैली, भोजन में फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड की बढ़ी हुई मात्रा ने हमारे भोजन से पोषक तत्वों की मात्रा को कम कर दिया है। इनमें चीनी, नमक, मैदा और अजीनोमोटो जैसे पदार्थ शामिल हैं। खास बात यह है कि प्रोसेस्ड फूड में इनकी मात्रा खतरनाक स्तर तक होती है।

हार्वर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, ये न केवल कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहे हैं। बल्कि ये उम्र को कम से कम दस साल तक कम कर सकते हैं।

फूड एंड डाइटेटिक एक्सपर्ट अनुपा दास से जानिए जानिए, उन चार चीजों के बारे में जिनका ओवरयूज खतरनाक है और ये कैसे नुकसान पहुंचाते हैं।

मैदा: मोटापा, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का कारण

ऐसे पहुंचता है नुकसान: मैदा बनाने के लिए गेहूं को प्रोसेस करने के दौरान इसमें पाए जाने वाले टिशू जिन्हें इंडोस्पर्म कहते हैं खत्म हो जाते हैं। ऐसे ही पाचन के लिए आवश्यक चोकर भी हट जाती है। कुल मिलाकर गेहूं से मैदा बनाते समय इसके लगभग पूरे पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। ऐसे में यह पाचन संबंधी गंभीर समस्या पैदा करता है।
सही मात्रा: मैदा से बने खाद्य पदार्थ सप्ताह में एक बार खा सकते हैं। वो भी सिर्फ टेस्ट करने लायक।

शक्कर: कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण

  • ऐसे पहुंचता है नुकसान: रिफाइंड शुगर यानी चीनी को एम्पिटी कैलोरी भी कहते हैं। इसमें कोई भी पोषक तत्व नहीं होते। जैसे ही यह हमारी पाचन नली में पहुंचती है ग्लूकोज और फ्रक्टोज में टूटती है। जो लोग शारीरिक श्रम नहीं करते उनके लिवर में यह फैट के रूप में जमा हो जाती है। इसका इंसुलिन पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है।
  • सही मात्रा: केवल 5 चम्मच चीनी ही प्रतिदिन काफी है। 40 की उम्र के बाद इसे और घटाएं।

अजीनोमोटो: दिल के लिए बेहद नुकसानदायक

  • ऐसे पहुंचाता है नुकसान: अजीनोमोटो मोनोसोडियम ग्लूटामेट है। जो चाइनीज फूड, सूप आदि में मिलाया जाता है। यह प्राकृतिक रूप से टमाटर, अंगूर में पाया जाता है।
  • सही मात्रा: कृत्रिम रूप से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

सफेद नमक: हाई ब्लड प्रेशर के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार

  • ऐसे पहुंचाता है नुकसान: नमक शरीर में पानी की मात्रा पर असर डालता है। यदि हम ज्यादा नमक खाते हैं तो शरीर में जमा हुआ अतिरिक्त पानी ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है। इसके अलावा जब नमक को रिफाइन किया जाता है तो इसमें पाया जाने वाला आयोडीन हट जाता है। वहीं, रिफाइन किए जाने के दौरान इसमें फ्लोराइड मिलाया जाता है जो ज्यादा खाने पर नुकसान पहुंचाता है।
  • सही मात्रा: रोज के खाने में अधिकतम 1 छोटा चम्मच नमक लेना चाहिए। बीपी है तो डाइटीशियन से सलाह जरूर लें।
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