चाउमीन-मंचूरियन खाने वाले सावधान:इनमें मौजूद अजीनोमोटो दिल की बीमारी, हाइपरटेंशन की वजह; बच्चों के लिए खतरनाक

9 दिन पहले
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चाउमीन, मंचूरियन और स्प्रिंग रोल में डाला जाने वाला अजीनोमोटो इन चीजों के स्वाद को और भी बेहतर बना देता है। लेकिन, इसे खाने के कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इलाहबाद यूनिवर्सिटी के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट के रिसर्चर्स की मानें तो इसे खाने से लोगों में दिल की बीमारी जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं।

पहले जान लें, क्या है अजीनोमोटो?
अजीनोमोटो एक तरह का केमिकल सॉल्ट है। इसे मोनो सोडियम ग्लूमेट (MSG) भी कहा जाता है। 1909 में यह एक ब्रांड के रूप में व्यवसायिक तौर पर आया था। स्वाद बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल नूडल्स, मोमोज, चिप्स, सूप आदि में किया जाता है। MSG टमाटर और चीज में प्राकृतिक रूप से होता है।

अजीनोमोटो को 1908 में पहली बार जापान के एक रसायनिक विज्ञानी किकुनाय एकेडा ने खोजा था। इसमें एमिनो एसिड की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है। पहले हुए कई शोधों में भी इस पदार्थ को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।

MSG छोटे बच्चों और बढ़ते भ्रूण में रक्त-मस्तिष्क की परेशानी बना सकता है।
MSG छोटे बच्चों और बढ़ते भ्रूण में रक्त-मस्तिष्क की परेशानी बना सकता है।

MSG से हाइपरटेंशन, हृदय रोग का रिस्क
इलाहबाद यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि MSG की कम खुराक भी सेहत खराब कर सकती है। निर्धारित डोज लेने पर भी इससे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और सूजन जैसी परेशानियां होने का खतरा होता है। अजीनोमोटो से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और जल्दी बूढ़ा होने के समस्याएं भी होती हैं।

बच्चों के लिए खतरनाक है MSG
रिसर्च में कहा गया है कि बच्चों के लिए MSG बेहद खतरनाक है। उन्हें काफी कम समय में इसकी लत लग जाती है। छोटे बच्चों और बढ़ते भ्रूण में रक्त-मस्तिष्क की परेशानी बन सकती है। गौरतलब है कि आजकल के बच्चों की डाइट में अजीनोमोटो से भरपूर जंक फूड व अन्य खाने की चीजें शामिल रहती हैं। वे इसके इतने आदी हो जाते हैं कि उन्हें इसके बिना खाने का स्वाद फीका लगने लगता है।

चूहों पर हुई रिसर्च
रिसर्च में चूहों को 3 हफ्ते तक लगातार अजीनोमोटो का सेवन कराया गया। अजीनोमोटो की एक डोज 30 मिलीग्राम और दूसरी डोज 100 मिलीग्राम तय की गई। नतीजों में जहां 30 मिलीग्राम की खुराक के बाद कोई प्रभाव नहीं दिखे, वहीं 100 मिलीग्राम MSG लेने के बाद बुरे साइड इफेक्ट्स देखने को मिले। चूहों के दिमाग पर भी असर देखा गया।

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