वर्चुअल रियलिटी में एक्सरसाइज के फायदे:काल्पनिक दुनिया में ट्रेनिंग करने पर भी हार्ट रेट में बदलाव आता है, तनाव दूर होता है

टोक्यो10 दिन पहले
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हर चीज की तरह एक्सरसाइज करने का भी ऑनलाइन विकल्प आ गया है। जापान की तोहोकू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्चुअल रियलिटी में व्यायाम करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर होता है। यानी, जो लोग हेवी एक्सरसाइज करने में असमर्थ होते हैं, वे भी वर्चुअली ट्रेनिंग कर अपनी सेहत सुधार सकते हैं। इस शोध को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल रिसर्च में प्रकाशित किया गया है।

गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए फायदेमंद

रिसर्चर्स का कहना है कि फिजिकल एक्सरसाइज से हमारे पूरे शरीर को फायदा होता है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो रोजाना एक्सरसाइज करने में असमर्थ होते हैं। इनमें न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स से जूझ रहे लोग, दिल की बीमारी के गंभीर मरीज और अस्पताल में भर्ती लोग शामिल हैं। इनके लिए शारीरिक व्यायाम नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी (IVR) में ट्रेनिंग करना एक अच्छा विकल्प है।

कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो एक्सरसाइज करने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी (IVR) में ट्रेनिंग करना एक अच्छा विकल्प है।
कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो एक्सरसाइज करने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी (IVR) में ट्रेनिंग करना एक अच्छा विकल्प है।

क्या है IVR?

इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी या IVR एक ऐसा कंप्यूटर सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल एक काल्पनिक दुनिया बनाने के लिए किया जाता है। इस दुनिया में यूजर अपना जीवन जैसा चाहे वैसा जी सकता है। यूजर को ऐसा लगता है मानो वह वास्तविक रूप से उस वातावरण का एहसास कर रहा हो।

वैज्ञानिकों ने वर्चुअल रियलिटी का आविष्कार एंटरटेनमेंट के लिए किया था, लेकिन अब मेडिकल कम्युनिटी के रिसर्चर्स स्वास्थ्य से इसके कनेक्शन की जांच कर रहे हैं।

IVR का शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य पर असर

इससे पहले हुई एक रिसर्च के मुताबिक, वर्चुअल रियलिटी में खुद को घूमते-फिरते देखने से सचमुच हमारे शरीर में बदलाव देखने को मिलते हैं। काल्पनिक दुनिया में हमारे साथ कुछ भी होने पर दिल की धड़कन अनियमित होती है। इसके साथ ही मेमोरी और दिमाग से जुड़े फायदे भी देखे जा सकते हैं। ये बदलाव बिल्कुल वैसे ही होते हैं जैसे फिजिकल एक्टिविटी के बाद होते हैं।

नई रिसर्च के भी कुछ ऐसे ही नतीजे हैं। प्रथम व्यक्ति दृष्टिकोण से देखने पर जब इंसान वर्चुअल रियलिटी में 6.4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा, तब असलियत में स्ट्रेस और एंग्जाइटी का लेवल काफी कम हुआ। ये असली दुनिया में एक्सरसाइज करने जैसा ही था।

रिसर्च के मुताबिक, काल्पनिक दुनिया में हमारे साथ कुछ भी होने पर दिल की धड़कन अनियमित होती है।
रिसर्च के मुताबिक, काल्पनिक दुनिया में हमारे साथ कुछ भी होने पर दिल की धड़कन अनियमित होती है।

बूढ़े लोगों के लिए भी फायदेमंद

रिसर्चर दलीला बुरिन कहती हैं कि जापान की बड़ी आबादी अब बूढ़ी हो रही है और आज लोगों से पर्फोर्मेंस डिमांड बहुत ज्यादा है, ऐसे में वर्चुअल रियलिटी में एक्सरसाइज करके उसका फायदा उठाना एक अच्छा तरीका है। इससे सभी लोगों की सेहत सुधरेगी।