साइलेंट किलर और डायबिटीज का कनेक्शन:रात में डायबिटीज के मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ा तो मौत का खतरा दोगुना, जानिए यह कैसे सेहत के लिए खतरा बन रहा और कैसे बचें

14 दिन पहले
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साइलेंट किलर कहे जाने वाले हाई ब्लड प्रेशर पर नई रिसर्च सामने आई है। रिसर्च के नतीजे ऐसे मरीजों को अलर्ट करते हैं जिनका ब्लड प्रेशर घटता-बढ़ता रहता है, खासतौर पर रात में।

रिसर्च करने वाली इटली की पीसा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, अगर टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में रात में ब्लड प्रेशर बढ़ता है तो मौत का खतरा अधिक रहता है। जिन लोगों का रात में ब्लड प्रेशर कम हो जाता है उनके मुकाबले ब्लड प्रेशर बढ़ने वाले मरीजों में मौत का खतरा दोगुना हो जाता है।

रिसर्च के नतीजे हाल में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के हायपरटेंशन साइंटिफिक सेशंस-2021 में पेश किए गए हैं।

ब्लड प्रेशर क्या है, इसे साइलेंट किलर क्यों कहते हैं, इसका घटना-बढ़ना कितनी आम बात है और डायबिटीज के मरीजों में क्याें बढ़ता है मौत का खतरा.... जानिए इन सवालों के जवाब-

सबसे पहले साइलेंट किलर यानी हाई बीपी को ऐसे समझें
शरीर के हर हिस्से में रक्त वाहिकाओं की मदद से ब्लड पहुंचाया जाता है। हृदय द्वारा ब्लड को पंप करने के दौरान रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को ही ब्लड प्रेशर कहते हैं। ब्लड प्रेशर का सामान्य स्तर 120/80 यानी ब्लड प्रेशर का ऊपरी नंबर 120 और निचला नंबर 80 होना चाहिए।

तनाव, संक्रमण, दवाइयां और यहां तक कि पानी की कमी के कारण भी ब्लड प्रेशर गड़बड़ हो सकता है। चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो घटते-बढ़ते ब्लड प्रेशर को समझ नहीं पाते। यही स्थिति आगे चलकर गंभीर रोगों और मौत की वजह बनती है। इसीलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है।

इसलिए डायबिटीज के कारण बढ़ता है मौत का खतरा
एक्सपर्ट कहते हैं, रात में सोते समय ब्लड प्रेशर गिर जाता है। अगर रात में ब्लड प्रेशर अधिक नहीं गिरता है तो इसे वैज्ञानिक भाषा में 'नॉन डिपिंग' कहते हैं। अगर दिन के मुकाबले रात का ब्लड प्रेशर बढ़ता है तो उसे रिवर्स डिपिंग कहा जाता है। डायबिटीज के मरीजों में यही रिवर्स डिपिंग हृदय रोगों के रिस्क को बढ़ाती है। नतीजा, मौत का खतरा भी बढ़ता है।

पीसा यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता मार्टिना चिरियाको कहती हैं, डायबिटीज से जूझने वाला हर 10 में से एक इंसान रिवर्स डिपिंग से जूझ रहा है। यह स्थिति मौत का खतरा दो गुना करती है। मरीजों को ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं ने इटली के पीसा में डायबिटीज से जूझ रहे 349 वयस्कों पर 1999 में रिसर्च शुरू की थी। अब सामने आए परिणाम बताते हैं कि इनमें से 50 फीसदी से अधिक लोगों में रात में ब्लड प्रेशर अधिक नहीं गिरा। लेकिन 20 फीसदी लोगों में रिवर्स डिपिंग की स्थिति बनी और ब्लड प्रेशर बढ़ा।

इनमें से एक तिहाई लोगों में हार्ट से जुड़ी बीमारी कार्डियक ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी से परेशान थे। ऐसी स्थिति में डायबिटीज के कारण वो नर्व्स डैमेज हो जाती हैं जो हार्ट और शरीर में रक्त पहुंचाने वाली वाहिकाओं को कंट्रोल करने का काम करती हैं। इस तरह डायबिटीज के मरीजों में ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट बिगड़ता है और मौत का खतरा बढ़ता है।

दुनियाभर में 150 करोड़ लोग इससे जूझ रहे हैं
WHO का कहना है, वर्तमान में दुनियाभर में 150 करोड़ लोग हायपरटेंशन से जूझ रहे हैं। 2019 में 1.79 करोड़ लोगों की मौत हृदय रोगों से हुईं। इनसे एक तिहाई मौंतों के लिए हाई ब्लड प्रेशर जिम्मेदार है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हायपरटेंशन के मरीज इस बीमारी को समझ ही नहीं पाते। इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। नतीजा, मरीजों में हार्ट अटैक जैसी घटनाएं होती हैं।

4 पॉइंटस में समझें ब्लडप्रेशर कंट्रोल करने का फॉर्मूला

1. स्मोकिंग से 20 मिनट तक बढ़ा रहता है बीपी

यह इसलिए जरूरी क्योंकि: निकोटिन आर्टरीज को सिकोड़कर कर उनकी दीवारों को सख्त कर देता है। इसके अलावा रक्त का थक्का जमने में भी यह भूमिका निभाता है। इंसान द्वारा एक सिगरेट पीने के बाद दिल की धड़कनों को सामान्य होने में 20 मिनट का समय लगता है। इसलिए इसे छोड़ने में ही भलाई है।

2. 1 किलो वजन घटाएंगे तो 1 पॉइंट कम होगा बीपी

यह इसलिए जरूरी क्योंकि: मेयो क्लीनिक के मुताबिक, मोटापे से परेशान ओवरवेट इंसान अगर एक किलो वजन कम करता है तो ब्लड प्रेशर 1 मिमी एचजी (मोटे शब्दों में 1 प्वाइंट) तक कम हो जाता है। यही नहीं ब्लड प्रेशर का संबंध कमर से भी है। यदि पुरुष की कमर 40 और महिला की कमर 35 इंच से ज्यादा तो इसका खतरा अधिक है।

3. रोज खाने में 5 ग्राम से ज्यादा नमक न खाएं

यह इसलिए जरूरी क्योंकि: एक युवा व्यक्ति के दिनभर के भोजन में 5 ग्राम से कम नमक होना चाहिए। एक छोटे चम्मच के बराबर नमक में लगभग 2,300 मिग्रा सोडियम होता है। खाने में सोडियम की इस मात्रा को कम करके 5 से 6 प्वाइंट बीपी कम किया जाता सकता है।

4. 30 मिनट की एक्सरसाइज से 5 से 8 पॉइंट बीपी कम

यह इसलिए जरूरी क्योंकि: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित शोध के अनुसार यदि प्रतिदिन 30 मिनट तक वॉक की जाए तो ब्लड प्रेशर में 5 से 8 प्वाइंट तक कमी आती है। हालांकि वॉक लगातार करनी चाहिए अन्यथा ब्लड प्रेशर फिर से बढ़ सकता है। इसके अलावा जॉगिंग, साइकिलिंग और डान्स करने से भी ब्लड प्रेशर कम होता है।

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