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लॉकडाउन में बच्चों में बढ़ा मोटापा:दिन में दो बार फल-सब्जियां खिलाने से बच्चों में मोटापे का खतरा 25% तक कम हो सकता है; जानिए मोटापा कंट्रोल करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें

13 दिन पहले
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कोरोना की पाबंदियों के चलते बच्चों में शारीरिक एक्टिविटी लगातार घट रही है। इनमें मोटापा बढ़ रहा है। मोटे बच्चों में डायबिटीज, हृदयरोग, अस्थमा, नींद संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। हालांकि इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेसिटी में पब्लिश एक रिसर्च में पाया गया है कि अगर दिन में दो बार भी भोजन में सब्जियों और फल का सेवन किया जाए तो मोटापे का खतरा 25 प्रतिशत तक कम होता है।

अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, 6 से 17 वर्ष तक के बच्चों को रोज़ कम से कम 1 घंटे तक मध्यम से तेज फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होना चाहिए। संतुलित खान-पान और घर के अंदर बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाकर उन्हें फिट रखा जा सकता है। कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा से जानिए, बच्चों को मोटापे का खतरा कैसे घटाएं...

  • बच्चों की सेहत से जुड़ी वो बातें जो आपको मालूम होनी चाहिए

टीवी देखते हुए खाना ना खिलाएं, यह मोटापे के लिए जिम्मेदार
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, बच्चों में मोटापा बढ़ने का एक कारण उनका स्क्रीन एक्सपोजर भी है। जो बच्चे अधिक देर तक टीवी, मोबाइल या कम्प्यूटर इस्तेमाल करते हैं, उनमें मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक टीवी के सामने बैठने का मतलब है अधिक स्नैक्स का सेवन। यानी हाई शुगर और हाई फैट। यह मोटापे के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार है।

जो आदत बच्चों में डालना चाहते हैं, पहले खुद अपनाएं
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, बच्चों में अच्छी आदत डालने के लिए जरूरी है कि पैरेंट्स खुद को भी उनके साथ बदलाव में भागीदार बनें। शोध में यह पाया गया है कि माता-पिता की खानपान की अच्छी आदतें और फिटनेस के प्रति जागरूकता को देखकर बच्चे आसानी से इन्हें अपनाते हैं, इसी तरह माता-पिता की बुरी आदतें भी वे अपनाते हैं।

उम्र के अनुसार इतना खिलाएं
तीन साल के बच्चे को लगभग 1000 से लेकर 1400 और 9-13 साल के किशोर को लगभग 1400 से 2200 कैलोरी की जरूरत पड़ती है। उनके खाने में ये 4 चीजें जरूर शामिल करें।

  • पहली : फल और सब्जियां...। इससे उन्हें विटामिन्स, फाइबर और जरूरी मिनरल्स मिलेंगे।
  • दूसरी : मिक्स्ड नट्स। इससे उन्हें कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे तत्व मिलेंगे।
  • तीसरी : अनाज...।
  • चौथी : डेयरी प्रॉडक्ट।

यह ध्यान रखें कि बच्चे जो खाएं उसके अनुसार शारीरिक एक्टिविटी जरूर करें।

  • कैसे जानें? : बच्चे मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं

ऑनलाइन बीएमआई चेक कर सकते हैं

बच्चों की ग्रोथ कैसी हो रही है, इसे आप बीएमआई से चेक कर सकते हैं। बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स। बीएमआई चेक करने के लिए ऑनलाइन केल्कुलेटर मौजूद हैं। बीएमआई 18 से 22 के बीच रहना हेल्दी बच्चे की निशानी है। बीएमआई कैल्कुलेट करने का फॉर्मूला है : weight kg ÷ (height x height cm) x 10,000

  • बीएमआई 25 से ऊपर तो मोटापे का खतरा है।
  • बीएमआई 15 से कम तो अंडरवेट का खतरा।
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