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  • In Some Patients Of Corona, A Special Type Of Gene Gives Protection, So They Neither Show Symptoms Nor Are The Condition Critical.

एसिम्प्टोमैटिक मरीज में क्यों नहीं दिखते लक्षण:कोरोना के कुछ मरीजों में खास तरह का जीन देता है सुरक्षा, इसलिए इनमें न तो लक्षण दिखते हैं और न ही हालत नाजुक होती है

8 दिन पहले
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  • ब्रिटेन की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा
  • कहा, HLA-DRB1*04:01 जीन कोरोना की गंभीरता से बचाता है

कोरोना के कई मामलों में संक्रमण के बाद भी मरीजों में लक्षण तक नहीं नजर आते हैं। ये मरीज एसिम्प्टोमैटिक कहलाते हैं। संक्रमित मरीजों में लक्षण क्यों नजर नहीं आते हैं, वैज्ञानिकों ने इसकी वजह बताई है। ब्रिटेन की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, इसकी वजह है HLA-DRB1*04:01 नाम का जीन। जो मरीज एसिम्प्टोमैटिक रहते हैं उनमें यह जीन तीन गुना तक पाया जाता है।

जीन कोरोना से सुरक्षा देता है
रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमित होने के बाद खास तरह का यह जीन मरीजों में हालत बिगड़ने से रोकता है। उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश करता है। HLA जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है, इसे समझने के लिए वैज्ञानिकों बिना लक्षण वाले मरीज और कोरोना के अधिक गंभीर मरीजों की तुलना और जांच की।

यूरोपीय लोगों में जीन होने की संभावना
शोधकर्ताओं का कहना है, इस जीन का कनेक्शन खास जगह से भी है। जांच में सामने आया है कि यह जीन उत्तरी और पश्चिमी यूरोप के लोगों में होने की संभावना ज्यादा है। इसका मतलब है, यूरोप के लोग संक्रमित होने के बाद ज्यादातर एसिम्प्टोमैटिक रहेंगे लेकिन इनसे दूसरों में बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, ब्रिटेन में रहने वाले हर 5 में से एक यूरोपियन शख्स में यह जीन है।

किसे वैक्सीन की अधिक जरूरत, पता लगा सकेंगे
रिसर्च में शामिल वैज्ञानिक डॉ. कारलोस इक्हेवेरिया कहते हैं, रिसर्च के नतीजे बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये बताते हैं कि क्यों कुछ लोग संक्रमित होने के बाद भी बीमार नहीं होते। रिसर्च से साफ है कि लोगों का जीन टेस्ट भी कराया जा सकता है और यह जाना जा सकता है कि किसे भविष्य में वैक्सीन की अधिक जरूरत है।

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