• Hindi News
  • Happylife
  • Know What Is At home Covid Test, How Effective It Is In Catching Omicron, How Different From RT PCR Test

घर बैठे कर सकते हैं कोरोना टेस्ट:जानें क्या होता है एट-होम कोविड टेस्ट, ये ओमिक्रॉन को पकड़ने में कितना कारगर, RT-PCR टेस्ट से कितना अलग

18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना वायरस की जांच केवल कोविड सेंटर में नहीं, बल्कि घर बैठे भी की जा सकती है। इसके लिए मार्केट में एट-होम कोरोना टेस्ट किट उपलब्ध हैं। फिलहाल ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दुनिया भर के एक्स्पर्ट्स इसके इस्तेमाल और एक्यूरेसी पर चर्चा कर रहे हैं। हाल ही में, अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दावा किया था कि एट-होम टेस्ट ओमिक्रॉन होने पर गलत रिजल्ट बता सकता है।

क्या होता है एट-होम कोरोना वायरस टेस्ट?

कोरोना टेस्ट करवाने के लिए रैपिड एंटीजन या RT-PCR या इसी तरह के दूसरे टेस्ट करवाने होते हैं। इन सभी टेस्ट के लिए मेडिकल एक्सपर्ट और लैब की जरूरत होती है। कोरोना का एट-होम टेस्ट इसका आसान विकल्प है। ये प्रेग्नेंसी टेस्ट किट की तरह होता है। इसमें सैंपल डालकर 15 से 20 मिनट में कोरोना का पता चल जाता है। इस टेस्ट किट के जरिए कोई भी व्यक्ति बिना किसी लैब या मेडिकल एक्सपर्ट की मदद के अपने घर पर ही कोरोना की जांच कर सकता है। ये मार्केट में 250-500 रुपए की रेंज में उपलब्ध हैं।

एट-होम कोरोना टेस्ट प्रेग्नेंसी टेस्ट किट की तरह होता है।
एट-होम कोरोना टेस्ट प्रेग्नेंसी टेस्ट किट की तरह होता है।

एट-होम कोरोना टेस्ट RT-PCR टेस्ट से कितना अलग?

भारत सरकार रियल टाइम पोलीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) टेस्ट को गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट मानती है। इसमें मरीज की नाक या गले से सैंपल लिया जाता है। ये टेस्ट लैब में 4-5 घंटों तक किया जाता है। इसमें राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) की जांच की जाती है, जो कि वायरस का जेनेटिक मटेरियल होता है। अगर सैंपल का जेनेटिक सीक्वेंस कोरोना वायरस के जेनेटिक सीक्वेंस से मेल खाता है, तो मरीज को कोविड पॉजिटिव माना जाता है।

एट-होम कोरोना टेस्ट एक रैपिड एंटीजन टेस्ट है। इसमें सैंपल निकालने का तरीका RT-PCR के समान है, लेकिन ये लैब में नहीं किया जाता। ये शरीर में वायरस का पता तुरंत लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रैपिड एंटीजन टेस्ट वायरस की सतह पर मिलने वाले प्रोटीन और मॉलिक्यूल्स का पता लगाता है।

विशेषज्ञों की माने तो दोनों ही टेस्ट कोरोना वायरस की ओरिजिनल स्ट्रेन (SARS-CoV-2) को पकड़ने में कारगर हैं। हालांकि, ओमिक्रॉन वैरिएंट कई बार एट-होम टेस्ट से बचकर निकल जाता है। इस कारण टेस्ट किट रिजल्ट नेगेटिव बता देता है।

RT-PCR टेस्ट में मरीज की नाक या गले से सैंपल लिया जाता है।
RT-PCR टेस्ट में मरीज की नाक या गले से सैंपल लिया जाता है।

एट-होम कोरोना टेस्ट के रिजल्ट कितने सटीक होते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि SARS-CoV-2 के केस में एट-होम कोरोना टेस्ट अधिकतर सही रिजल्ट देता है। केवल 15 मिनट में व्यक्ति को पता चल जाता है कि वो कोविड पॉजिटिव है या नहीं। हालांकि, RT-PCR टेस्ट की तुलना में ये ज्यादा एक्यूरेट नहीं होता है।

क्या एट-होम कोरोना टेस्ट ओमिक्रॉन संक्रमण को पकड़ लेता है?

दुनिया में ओमिक्रॉन की बढ़ती रफ्तार के साथ एट-होम कोरोना टेस्ट की खरीदारी में भी उछाल आई है। हालांकि, रैपिड एंटीजन टेस्ट इस वैरिएंट के संक्रमण को पकड़ पाता है या नहीं, इस पर चर्चा चल रही है।

FDA ने हाल ही में इसके रिजल्ट्स पर चिंता जताई थी। हेल्थ एजेंसी ने कहा था कि एट-होम टेस्ट कोरोना के सारे वैरिएंट्स की जांच कर सकता है, लेकिन ओमिक्रॉन को पकड़ने में इसे मुश्किल होती है। इसलिए ये कई बार संक्रमण के गलत रिजल्ट बताता है।

ओमिक्रॉन की बढ़ती रफ्तार के साथ एट-होम कोरोना टेस्ट की खरीदारी में भी उछाल आई है।
ओमिक्रॉन की बढ़ती रफ्तार के साथ एट-होम कोरोना टेस्ट की खरीदारी में भी उछाल आई है।

तो क्या एट-होम कोरोना टेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए?

अमेरिका के टॉप डॉक्टर एंथनी फौसी का कहना है कि भले ही घर पर करने वाला कोरोना टेस्ट ओमिक्रॉन को पकड़ने में कम कारगर है, लेकिन फिर भी ये संक्रमण का पता लगाने का एक अच्छा तरीका है। महामारी के दौरान इसका इस्तेमाल करना जरूरी है।

घर पर टेस्ट करने के बाद अगर रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो सेंटर जाकर जांच जरूर करवाएं।

भारत में उपलब्ध एट-होम कोरोना टेस्ट किट्स

भारत में विशेषज्ञ और सरकार लोगों को घर पर कोरोना टेस्ट करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कई होम टेस्टिंग किट्स को मंजूरी दी है। इनमें कोवीसेल्फ, पैनबियो कोविड-19 एंटीजन, एंगस्ट्रॉम एंगकार्ड कोविड-19 एंटीजन रैपिड टेस्ट किट, आदि शामिल हैं। इन सभी टेस्ट किट्स की कीमत 250 से 500 रूपए के बीच है।

खबरें और भी हैं...