कोरियाई वैज्ञानिकों का दावा:नशे की लत दूर करेगी 'चिप', डिप्रेशन और पार्किंसन की बीमारी से भी लड़ेगी; इसे ब्रेन में इम्प्लांट किया जाएगा

10 महीने पहले
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  • कोरियाई वैज्ञानिकों ने तैयार की चिप, इसे ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल से कंट्रोल किया जाएगा
  • चूहे पर हुआ प्रयोग सफल, वैज्ञानिकों का दावा, इससे बिहेवियर को कंट्रोल कर सकेंगे

कोरियाई वैज्ञानिकों ने ऐसी चिप तैयार की है जो नशे की लत से बाहर निकलने में मदद करेगी। यह डिप्रेशन और बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारी पार्किंसंस डिजीज से भी लड़ेगी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चिप को ब्रेन में इम्प्लांट के तौर पर लगाया जाएगा। इसे ब्लूटूथ की मदद से मोबाइल के जरिए कंट्रोल किया जाएगा।

आमतौर पर ऐसी डिवाइस को शरीर में इम्प्लांट करने के कुछ समय बाद बैट्री बदलने के लिए दोबारा कई सर्जरी की जाती हैं लेकिन इस चिप के मामले में ऐसा नहीं करना होगा। यह लम्बे समय तक काम करेगी और चार्ज होती रहेगी।

ऐसे हुई रिसर्च
रिसर्चर कहते हैं, आप कहीं भी हों, मोबाइल के जरिए इस चिप को ऑपरेट कर सकते हैं। यह चिप कितना बेहतर काम कर सकती है, इसे समझने के लिए चूहे को नशीला पदार्थ कोकीन दिया गया। इसके बाद छोटी सी सर्जरी करके चूहे के ब्रेन में चिप लगाई गई। रिसर्चर जियॉन्ग-हूं किम कहते हैं, लाइट स्टीमुलेशन के जरिए जानवरों का बिहेवियर कंट्रोल किया जा सकता है।

चिप में लगी LED से कंट्रोल होंगे न्यूरॉन्स
द कोरिया एडवांस इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. जे-वूंग जियॉन्ग कहते हैं, इस डिवाइस में बेहद छोटी LED लाइट लगी है जो ब्रेन के न्यूरॉन्स पर असर डालती है। चूहे पर हुए इस प्रयोग में सामने आया कि इससे उसकी नशे की लत में कमी आई। यही वजह है कि वैज्ञानिकों ने इसे ब्रेन से जुड़ी दूसरी बीमारियों के लिए भी प्रयोग किया।

चिप की मैग्नेटिक तरंगों से चार्ज होगी बैट्री
प्रो. जे-वूंग जियॉन्ग कहते हैं, स्मार्टफोन की मदद से इस वायरलेस चिप को ऑपरेट करते हैं। चिप से निकलने वाली मैग्नेटिक तरंगों से बैट्री चार्ज होती है। इन तरंगों से इंसान को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

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