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नवजात में कोरोना:मेक्सिको में कोरोना पीड़ित मां से जन्मे तीन प्री-मैच्योर नवजात पॉजिटिव मिले, गर्भनाल के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका

4 महीने पहले
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तीनों नवजात का जन्म 8 मई को हुआ था और उसी दिन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। प्रतीकात्मक फोटो
  • स्वास्थ्य सचिव मोनिका रांगेल के मुताबिक, बच्चों का जन्म 8 जून को हुआ था लेकिन मां एसिम्प्टोमैटिक थी
  • जन्म के दिन ही तीनों नवजात की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, कोरोना का संक्रमण कब हुआ यह पता लगाया जाएगा

मेक्सिको के सेन लुइस पोटोसी शहर में सोमवार को जन्मे ट्रिपलेट्स (एक साथ जन्मे तीन बच्चे) कोरोना पॉजिटिव पाए गए। राज्य की स्वास्थ्य सचिव मोनिका रांगेल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, जन्म के दिन ही ट्रिपलेट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों प्री-मैच्योर नवजात का जन्म 17 जून को हुआ था। मां कोरोना पॉजिटिव थी लेकिन उसमें लक्षण नहीं दिख (एसिम्प्टोमैटिक) रहे थे। तीनों बच्चों की देखरेख की जा रही है और यह मामला जांच का विषय है। पता लगाया जाएगा कि उनमें कोरोना का संक्रमण जन्म से पहले था या डिलीवरी के बाद हुआ।

गर्भनाल के जरिए वायरस नवजात मेंं पहुंच सकता है

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, नवजात में कोरोना का संक्रमण तब हो सकता है अगर डिलीवरी के बाद वह किसी संक्रमित इंसान के सम्पर्क में आया हो। इसके अलावा कोरोना से संक्रमित मां की कोख से गर्भनाल के जरिए वायरस नवजात तक पहुंच सकता है। अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, गर्भनाल से कोरोना का संक्रमण फैलने का मामला भी सामने आ चुका है। 

डिलीवरी के बाद संक्रमण की आशंका
स्वास्थ्य सचिव मोनिका के मुताबिक, हो सकता है कि नवजात में वायरस का संक्रमण डिलीवरी के तुरंत बाद हुआ हो। नवजात में कोरोना के संक्रमण का यह पहला मामला नहीं है, लेकिन ये दुर्लभ है। मेक्सिको में कोरोनावायरस के मामले बढ़कर 185,122 पहुंच चुके हैं। यहां कोरोना से अब तक 22,584 मौत हो चुकी हैं। 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेक्सिको में जांच काफी धीमी रफ्तार से होने के कारण मौत और संक्रमण दोनों के मामले बढ़ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है संक्रमण के मामले रुकने की सम्भावना है।

मां संक्रमित है तो क्या नवजात को छूना चाहिए, डब्ल्यूएचओ ने दिया जवाब
अगर मां संक्रमित है तो क्या उसे नवजात को छूना चाहिए, इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि ऐसे समय में बच्चों से दूरी न बनाएं लेकिन सावधानी हर हाल में बरतें।

  • नवजात को ब्रेस्टफीड कराते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • नवजात को छूने से पहले हाथों को धोएं। उसे जहां भी रखें वो जगह साफ होने चाहिए। 
  • आसपास मौजूद लोगों से खुद को दूर रखें।
  • छींकते या खांसते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें।

7 सवाल जो गर्भवती महिलाओं को अलर्ट रखेंगे

#1) क्या गर्भवती महिलाओं को कोरोनावायरस का खतरा अधिक है?

डब्ल्यूएचओ : दुनियाभर में इस पर रिसर्च जारी है लेकिन अब तक कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जो साबित करे कि आम लोगों को मुकाबले गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं जिससे उन्हें सांस से जुड़ा संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। इसलिए जरूरी सावधानी जरूर बरतें।  बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टरी सलाह लें। 

#2) क्या कोरोना से पीड़ित महिला को सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : नहीं। सिजेरियन डिलीवरी की सलाह तभी दी जाती है जब डॉक्टर के मुताबिक सही हो। हर महिला की डिलीवरी का प्रकार उसकी स्थितियों पर निर्भर करता है। 

#3) क्या कोरोना संक्रमित महिला बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती है?

डब्ल्यूएचओ : हां, वह ऐसा कर सकती है लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे ब्रेस्टफीड कराते समय मास्क पहनें, बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं। अगर कोरोना से संक्रमित हैं और बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने की स्थिति में नहीं है तो एक्सप्रेसिंग मिल्क या डोनर ह्यूमन मिल्क का इस्तेमाल कर सकती हैं।

#4) मैं प्रेग्नेंट हूं, मैं खुद को कोरोना के संक्रमण से कैसे दूर रखूं?

डब्ल्यूएचओ : गर्भवती महिलाओं को भी वही सावधानी बरतने की जरूरत है जो आम लोगों को सलाह दी जा रही है। 

  • अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर या साबुन से बार-बार हाथ धोएं। 
  • भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।  
  • आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं। 
  • खांसते या छींकते समय मुंह को दाहिनी कोहनी पर रखें या टिशु पेपर का इस्तेमाल करें। टिशु पेपर एक बार इस्तेमाल होने पर उसे डिस्पोज करें। 
  • खांसी, बुखार महसूस होने पर तत्काल डॉक्टरी सलाह लें।

#5) क्या गर्भवती महिला को कोरोना की जांच की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : जांच की कितनी जरूरत है, यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहां रहती है। अगर संक्रमण से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस होता है तो तुरंत जांच कराएं क्योंकि ऐसी स्थिति में खास देखभाल की जरूरत होती है।

#6) क्या कोरोनावायरस गर्भवती महिला से उसके होने वाले बच्चे में पहुंच सकता है?

डब्ल्यूएचओ : गर्भवती महिला से उसके होने वाले बच्चे में वायरस पहुंचने की कोई जानकारी नहीं सामने आई है। अब तक गर्भवती महिला के एम्नियोटिक फ्लूइड  और ब्रेस्ट मिल्क में कोरोनावायरस नहीं मिला है। 

#7) प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान क्या सावधानी बरतने की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : हर गर्भवती महिला को सावधानी बरतने की जरूरत है चाहें वो कोरोना से संक्रमित हो या न हो। डिलीवरी के दौरान महिला के इच्छा मुताबिक, किसी पारिवारिक सदस्य का होना जरूरी है। मैटरनिटी स्टाफ से सीधी बातचीत होनी चाहिए। अगर संक्रमण की पुष्टि होती है तो हेल्थ वर्कर को जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि दूसरी महिलाएं न प्रभावित हों। ऐसी स्थिति महिला के पास हैंड सैनेटाइजर, मास्क, गाउन और मेडिकल मास्क होना जरूरी है। 

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