इराक में नोज ब्लीड फीवर का कहर:बीमारी से हर 5 में से 2 मरीजों की मौत; जानें ये क्या है, कितना खतरनाक

बगदाद4 महीने पहले
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इराक में इन दिनों नाेज ब्लीड फीवर, यानी क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिक बुखार के 111 मामले सामने आए हैं। इससे 19 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दूसरी रिपोर्ट्स के मुताबिक नोज ब्लीड फीवर से पीड़ित हर 5 में से 2 लोगों की मौत हो जाती है। मवेशियों और पालतू पशुओं के शरीर पर रहने वाले कीटों (टिक्स) के इंसानों को काटने से ये फैलाता है। वायरस जनित इस रोग की अभी कोई वैक्सीन नहीं है। हालांकि, अभी तक भारत में इसके मामले की पहचान नहीं की गई है, लेकिन इससे प्रभावित देशों की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।

क्या होता है नोज ब्लीड फीवर?

इस बीमारी से संक्रमित की नाक से खून भी आता है, जिसकी वजह से इसे ‘नोज ब्लीड फीवर’ भी कहते हैं। ये जूनोटिक (पशु) बीमारी है। वायरस लोगों में या तो टिक के काटने से या जानवरों को काटने के दौरान संक्रमित जानवरों के रक्त या ऊतकों के संपर्क के माध्यम से फैलता है।

नोज ब्लीड फीवर का संक्रमण 13 दिन तक रह सकता है।
नोज ब्लीड फीवर का संक्रमण 13 दिन तक रह सकता है।

इसके लक्षण क्या होते हैं, कब सामने आते हैं?

संक्रमित होने के बाद व्यक्ति में लक्षण दिखने में करीब 3 दिन का समय लगता है। इसका संक्रमण 13 दिन तक रह सकता है। संक्रमित के शरीर पर लाल दाने उभर आते हैं। लक्षण में सिर दर्द, नाक से खून, तेज बुखार, पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, पेट दर्द और उल्टी शामिल हैं।

किन लोगों को संक्रमण की आशंका ज्यादा?

मुख्य रूप से पशुओं में टिक के काटने से लोग संक्रमित होते हैं। मवेशियों को पालने वाले लाेग और जिनके घरों में पालतू पशु होते हें, उन्हें संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। संक्रमित के खांसने और छींकने या खून से भी ये संक्रमण दूसरे व्यक्ति को हो सकता है।

मुख्य रूप से पशुओं में टिक्स (काटने वाले कीड़ों) के काटने से लोग संक्रमित होते हैं।
मुख्य रूप से पशुओं में टिक्स (काटने वाले कीड़ों) के काटने से लोग संक्रमित होते हैं।

नोज ब्लीड फीवर से कैसे बचा जा सकता है?

टिक्स (काटने वाले कीड़ों) वाली जगहों पर जाने से बचें। खुली जगहों जैसे- पेड़ के नीचे या बगीचे में न सोएं। आसपास जानवर होने पर कपड़ों को हमेशा झाड़कर पहनें। पालतू जानवरों की साफ-सफाई समय-समय पर करते रहें, जिससे उनके शरीर में टिक्स न पड़ें।

क्या नोज ब्लीड फीवर की काेई वैक्सीन है?

क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर यानी नोज ब्लीड फीवर वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है, इसलिए इसकी रोकथाम सिर्फ ऐहतियात बरतने पर ही की जा सकती है। हालांकि, अभी तक भारत में इसके मामले की पहचान नहीं की गई है।