भारत से दोगुने एरिया के समुद्री जंगल:पेड़ों की लंबाई 32 फीट, जमीनी फसलों से ज्यादा उपजाऊ; अमेजन से बड़े इलाके में फैले हैं

मेलबर्न7 दिन पहले
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अमेजन वर्षावन से लेकर बोरियल वन तक, हम सभी दुनिया के सबसे बड़े जंगलों के नाम जानते हैं। लेकिन, क्या आपने समुद्र के अंदर मौजूद किसी जंगल के बारे में सुना है? दरअसल, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने दुनिया की कई जगहों पर ओशियन फॉरेस्ट्स ढूंढे हैं और इनका एक नक्शा तैयार किया है। यदि इन सभी जंगलों का आकार देखा जाए तो ये भारत के क्षेत्रफल से दोगुना है।

ओशियन फॉरेस्ट क्या है?
ओशियन फॉरेस्ट को समुद्री जंगल कहते हैं। ये आमतौर पर सीवीड (समुद्री सिवार) से बने होते हैं। यह काई का ही एक प्रकार है। दूसरे पेड़-पौधों की तरह ये भी सूर्य की ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड की मदद से फोटोसिंथेसिस (प्रकाश संश्लेषण) की प्रक्रिया पूरी कर जिंदा रहते हैं।

सीवीड की सबसे बड़ी प्रजाति 10 मीटर यानी 32 फीट ऊंची हो सकती है। बड़े इलाके में फैले ये पौधे पानी के बहाव की वजह से हिलते-डुलते रहते हैं। जिस तरह जमीनी पेड़-पौधे धरती के जीवों को खाना और रहने की जगह देते हैं, उसी तरह सीवीड भी समुद्री जीवों को आसरा देती है।

समुद्री काई की लंबी प्रजातियां, जैसे समुद्री बांस और और घास कई तरह की गैसों से भरे ढांचे होते हैं, जो पानी में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन बनाती हैं। बांस के मजबूत तने फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया में काम आते हैं।

बड़े इलाके में फैले ये पौधे पानी के बहाव की वजह से हिलते-डुलते रहते हैं।
बड़े इलाके में फैले ये पौधे पानी के बहाव की वजह से हिलते-डुलते रहते हैं।

समुद्री जंगलों का एरिया 60-72 लाख वर्ग किमी.
सीवीड को पृथ्वी पर सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधा माना जाता है। हालांकि, यह जंगल का कितना बड़ा एरिया कवर करता है, इसका अनुमान लगा पाना वैज्ञानिकों के लिए अब भी काफी मुश्किल है। इसकी वजह यह है कि जमीन पर सैटेलाइट के जरिए जंगल का क्षेत्रफल नापा जाता है, लेकिन समुद्र के अंदर यह तकनीक काम नहीं आती।

इस रिसर्च को पूरा करने के लिए रिसर्चर्स ने समुद्री जंगलों, समुद्री काई, आदि के डेटा को एनालाइज किया। कई देशों के स्थानीय डेटा की जांच की। इससे पता चला कि ओशियन फॉरेस्ट्स 60 से 72 लाख वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल कवर करते हैं, जो कि अमेजन के जंगलों से भी ज्यादा है। रिसर्च में यह भी पता चला कि ये जंगल काफी उपजाऊ हैं। ये चावल, गेहूं और मक्के की फसलों से भी ज्यादा फलदार हैं।

दुनिया के सबसे ज्यादा उत्पादक समुद्री जंगलों में से केवल कुछ ही, जैसे कि ग्रेट अफ्रीकन सीफॉरेस्ट (GASF) और ग्रेट सदर्न रीफ (GSR) को पहचानकर नाम दिया गया है।
दुनिया के सबसे ज्यादा उत्पादक समुद्री जंगलों में से केवल कुछ ही, जैसे कि ग्रेट अफ्रीकन सीफॉरेस्ट (GASF) और ग्रेट सदर्न रीफ (GSR) को पहचानकर नाम दिया गया है।

धरती की गर्मी सोखते हैं ओशियन फॉरेस्ट्स
अब तक धरती पर पैदा हुई 2,400 गीगाटन ग्रीनहाउस गैस हमारे समुद्रों में ही जाती है। इसका मतलब समुद्री जंगल काफी कठिनाई में हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी कनाडा और कैलिफोर्निया से कई ओशियन फॉरेस्ट्स विलुप्त हो चुके हैं। इससे समुद्री जीवों के रहने की जगह छिन गई और कार्बन की मात्रा बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।

इसके उलट, जैसे-जैसे समुद्र पर जमी बर्फ पिघल रही है और पानी का तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे आर्कटिक महासागर के इलाके में जंगल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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