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  • Oxford Coronavirus Vaccine Trial Paused | Here's What You Need To Know After Astrazeneca Pauses Coronavirus Vaccine Study

ऑक्सफोर्ड का वैक्सीन ट्रायल रुकने के मायने:रीढ़ की हड्‌डी में दिक्कत होने पर ट्रायल रुका लेकिन हमारे पास दो और वैक्सीन का विकल्प है, इनमें सफलता मिल सकती है : एक्सपर्ट

19 दिन पहले
  • पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, हो सकता है वायरस खत्म न हो, इसलिए बचाव करना जरूरी
  • प्लाज्मा थैरेपी भी पूरी तरह कारगर इलाज नहीं साबित हुई लेकिन भारत का रिकवरी रेट 77 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल हाल ही में रोका गया है। इसका भविष्य में क्या असर पड़ेगा। इस पूरे मामले पर पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, भारत में तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, ऑक्सफ़ोर्ड उनमें से एक है, जिसका ट्रायल रोका गया है। बाकी दो में सफलता मिल सकती है।

उन्होंने कहा, ऑक्सफ़ोर्ड की वैक्सीन अभी खारिज नहीं हुई है। इसके एक वॉलंटियर की रीढ़ की हड्डी में कुछ परेशानी आई है, जिसके बाद सिर्फ ट्रायल रोका गया है। इसकी जांच ऐसे वैज्ञानिक कर रहे हैं जो हमेशा वैक्सीन पर ही काम करते आए हैं। अगर इस जांच में पाया गाया कि ऐसा वैक्सीन के कारण हुआ है, या किसी अन्य वॉलंटियर में भी यह समस्या आई तो इसे खारिज कर दिया जाएगा।

वैक्सीन कब मिलेगी
डॉ. रेड्डी कहते हैं कि पूरी दुनिया में 32 वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही कहीं न कहीं ट्रायल सफल हो जाएगा। लेकिन यह भी हो सकता है कि वायरस कभी खत्म न हो, इसलिए इससे बचाव करना जरूरी है। इसके लिए जो भी नियम बनाए गए हैं, उनका पालन करें। कम से कम एक साल तक मान सकते हैं कि वायरस ऐसे ही परेशान करता रहेगा। वैक्सीन आने के बाद भी पूरी दुनिया में वैक्सीन पहुंचने में समय लगेगा। इसलिए लापरवाही नहीं करनी है।

मौत रोकने में प्लाज्मा थैरेपी कारगर नहीं
कोरोना के बढते केस में भारत का रिकवरी रेट 77 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया है, वायरस से लोगों को बचाने के लिए चिकित्साकर्मी कई दवाइयों का प्रयोग कर रहे हैं। हांलांकि ICMR ने प्लाज्मा थैरेपी को ज्यादा कारगर नहीं बताया है।

डॉ. रेड्डी के मुताबिक, जब वायरस को कंट्रोल करने के लिए कोई दवा नहीं थी, तब प्लाज्मा थैरेपी को एक ट्रायल के तौर पर अनुमति दी गई। क्योंकि यह कई बीमारियों में पहले मृत्यु दर को कम करने में मददगार रही है। शुरुआत में कुछ लोगों को फायदा भी हुआ, लेकिन पिछले दिनों से कुछ मरीजों पर बहुत फायदा नहीं दिखा। इसलिए अभी इसे पूरी तरह कारगर इलाज नहीं कह सकते।

बच्चों को जरूर लगवाएं टीका

अनलॉक में भी लोगों में वायरस का डर बना हुआ है, वे नवजात को लगने वाला जरूरी टीका भी नहीं लगवा रहे हैं। इस पर डॉ. रेड्डी का कहना है कि बच्चे के स्वास्थ्‍य के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है, इसलिए अगर कोई टीका नहीं लग पाया है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जहां तक कोरोना के संक्रमण की बात है, तो बच्चों में अभी तक कोरोना का असर काफी कम रहा है। दरअसल कई बीमारियां होती हैं, जिनका टीका लगवाना बहुत जरूरी है।

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