राजनेताओं के बच्चों पर मानसिक दबाव:ये इमोशनल बॉन्डिंग नहीं बना पाते, मानसिक विकार से जूझते हैं, दूसरों से ज्यादा आलोचना झेलते हैं

लंदन13 दिन पहले
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नेताओं के बच्चे स्कूल में दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा आलोचना का शिकार हो सकते हैं। - Dainik Bhaskar
नेताओं के बच्चे स्कूल में दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा आलोचना का शिकार हो सकते हैं।

दुनियाभर में राजनेताओं के बच्चे एक तरह के दबाव से गुजरते हैं। राजनीतिज्ञों के परिवार से होने की वजह से उनकी हर हरकत जगजाहिर हो जाती है। सोशल मीडिया के इस दौर में वे छोटी से छोटी बात पर ट्रोल हो जाते हैं। ऐसे में वे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बॉन्डिंग नहीं बना पाते। इस समस्या के बारे में राजनेता जानते हुए भी न बात करते हैं और न इलाज कराते हैं। लेकिन, इस चिंता में वे अपने बच्चों को दुनिया की नजर से बचाने की कोशिश करते हैं।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लिसेस्टर के राजनेताओं के निजी जीवन पर किए शोध में यह बात सामने आई है। इस अध्ययन से पता चला कि नेताओं के बच्चे स्कूल में दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा आलोचना का शिकार हो सकते हैं। खासकर अगर उनके राजनेता मां या पिता किसी वजह से सुर्खियों में हों या घोटाले में उलझे हों।

बच्चों की गलतियों की आलोचना ज्यादा होती है
किशोरावस्था में उन पर अपने साथियों से ज्यादा विरासत में मिली प्रसिद्धि का दबाव होता है। वे वही चीज स्वतंत्रता से नहीं कर सकते, जो दूसरों के लिए आम है। उनकी गलतियों पर उनकी आलोचना भी अपने साथियों से कहीं ज्यादा होती है। इस वजह से राजनेताओं के बच्चों में मानसिक विकार होना शुरू हो जाता है।

शोधकर्ता प्रोफेसर एलिजाबेथ हुरेन के अनुसार, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने तो अपने बच्चों काे लोगों की नजरों से दूर रखने के लिए अपनी दो बेटियों, 16 साल की फ्रांसिस और 13 साल की

लिबर्टी को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के सामने फोटो खिंचवाने से मना कर दिया है। बच्चों के सुर्खियों में आने से उनमें मानसिक परेशानी शुरू हो सकती है।

बच्चों को निजी समय नहीं मिल पाता
राजनेताओं के बच्चों को लोगों की नजरों से दूर अपना निजी समय चाहिए होता है, लेकिन बहुत कम को ऐसा मौका मिल पाता है। एक यह भी वजह है कि दुनिया के तमाम देशों के राजनेता अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे देशों में भेज देते हैं। राजनेताओं के संस्मरण, मीडिया कवरेज या इंटरव्यू में उनके किशोरवय बच्चों का जिक्र आने से कई बार बच्चों के मन पर गहरा नकारात्मक असर पड़ता है।

हुरेन अपनी रिपोर्ट में कहती हैं, ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की बेटी कैरल को हमेशा यह लगता था कि वह अपनी जिंदगी में कुछ भी अच्छा नहीं कर सकेगी और हमेशा मार्गरेट की बेटी के तौर पर ही जानी जाएगी।

ट्रस व कैबिनेट मंत्रियों के 47 बच्चों को चाहिए देखभाल
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ट्रस और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों के कुल 47 बच्चे हैं। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि वे अपनी पब्लिक लाइफ का असर बच्चों पर न पड़ने दें। उन्हें लोगों की नजरों में आने से बचाएं, जिससे वे मीडिया-सोशल मीडिया में टारगेट होने से बच सकें। खासतौर पर किसी विवादित मुद्दों पर नीति बनाने के दौरान। शोधकर्ता हुरेन कहती हैं, राजनेताओं के बच्चे खास तरह से व्यवहार करने लगते हैं, जैसे फोटो खिंचवाते वक्त न मुस्कुराना।

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