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नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे:प्लास्टिक के बर्तन में खाना न खाएं और डाइट में नमक कम लें, जानिए वो 8 बातें जो कैंसर का खतरा घटाएंगी

6 महीने पहले
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  • सुबह आधा घंटा धूप में बैठने से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट, कोलोन कैंसर का खतरा घटता है
  • स्मोकिंग और शराब दोनों लेते हैं तो कैंसर का खतरा दोगुना हो जाता है

इंडियन कैंसर सोसाइटी की रिपोर्ट कहती है, भारत में अगले 10 सालों में करीब डेढ़ करोड़ लोगों को कैंसर हो सकता है। इनमें से 50 फीसदी मामलों में कैंसर लाइलाज होगा। यानी अगले दशक में कैंसर हमारे देश की बड़ी समस्या के रूप में सामने आ सकता है। लेकिन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर कैंसर का खतरा घटाया जा सकता है। हर साल 7 नवम्बर को नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे मनाया जाता है। जानिए, कैसर से बचने के लिए किन 8 बातों का ध्यान रखना जरूरी है...

नमक कम करें
कैंसर काउंसिल की रिसर्च के मुताबिक, अधिक मात्रा में नमक के सेवन से अमाशय और आहार नली का कैंसर होने होने का खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है। प्रोसेस्ड फूड जैसे अचार, सॉस, नमकीन में नमक की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें अवॉइड करें। रोज की डाइट में नमक की मात्रा 5 ग्राम यानी एक टी स्पून से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

सुबह की धूप खाएं
इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च की स्टडी कहती है, विटामिन डी शरीर में कैंसर से बचाव में मददगार होता है। इसके लिए सुबह 10 बजे से पहले आधे घंटे धूप में बैठना बेहतर विकल्प है। इससे ब्रेस्ट, प्रोस्टेट, कोलोन सहित कई तरह के कैंसर से बचाव होता है। हालांकि धूप के ज्यादा संपर्क से त्वचा कैंसर की आशंका हो सकती है। इसलिए सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच ज्यादा धूप में न रहें।

प्लास्टिक में खाना न खाएं
प्लास्टिक का ज्यादा इस्तेमाल कैंसर का भी कारण बन सकता है, खासकर प्लास्टिक की पॉलिथीन में रखी गरम चीज खाने या पीने से कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। कई रिसर्च में यह साबित हुआ है कि प्लास्टिक में बिस्फिनॉल ए (बीपीए) नाम का केमिकल होता है जो कोशिकाओं की संरचना में बदलाव करके कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।

रेड मीट का सेवन कम करें
रेड मीट जैसे मटन व बीफ और प्रोसेस्ड मीट के सेवन से बोवेल (कोलोन) कैंसर की आशंका बढ़ती है। कई रिसर्च में यह सामने आया है कि प्रोसेस्ड मीट अधिक लेने से अमाशय के कैंसर का खतरा बढ़ता है। इसलिए प्रोसेस्ड मीट (जैसे बेकन और सॉसेज़) का सेवन करने से बचें या कम से कम करना चाहिए।

वजन को कंट्रोल में रखें
बढ़ता वजन केवल डायबिटीज़ या दिल की बीमारियों के लिए ही जिम्मेदार नहीं है। इंडियन कैंसर सोसाइटी के मुताबिक, मोटापे से ब्रेस्ट, पेनक्रियाटिक, गाल ब्लैडर, आहार नली का कैंसर होने की आशंका अधिक होती है। इसलिए अपने रुटीन में रोजाना सुबह या शाम आधे घंटे की वॉक और हफ्ते में कम से कम पांच दिन 30 मिनट की एक्सरसाइज शामिल करें।

धूम्रपान-शराब से दूर रहें
धूम्रपान के कारण फेफड़ों, मुंह, ब्लैडर, किडनी, सर्विक्स, आहार नली और गले के कैंसर का खतरा बढ़ता है। यह खतरा केवल धूम्रपान करने वालों में ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों में भी होती है। अगर धूम्रपान के साथ शराब भी पीते हैं तो कैंसर की आशंका दोगुनी हो जाती है। इसलिए धूम्रपान, तंबाकू और शराब को आज से ही छोड़ना बेहतर है।

8 घंटे की नींद लें
नींद और कैंसर का सीधा संबंध है। दिनभर की थकान के बाद एक वयस्क व्यक्ति के लिए कम से कम सात घंटे (अधिकतम 8 घंटे) की नींद लेना जरूरी है। 8 घंटे की नींद इम्युनिटी को भी बढ़ाने का काम करती है। यह तरह-तरह के संक्रमण और फ्री रेडिकल्स से भी लड़ने में मदद करती है जो कैंसर का एक मुख्य कारण है।

कैंसर स्क्रीनिंग करवाएं
कैंसर के एक भी लक्षण नजर आने पर स्क्रीनिंग (जांच) करवाने में हिककिचाए नहीं। वक्त रहते कैंसर के पकड़ में आने पर इसका उपचार संभव है। आमतौर पर ब्रेस्ट, सर्वाइकल, प्रोस्टेट, मुंह और बड़ी आंत के कैंसर के मामले ज्यादा आते हैं। इनकी जांच की सुविधा छोटे शहरों में भी उपलब्ध है। ये जांचें न केवल आसान हैं,बल्कि बहुत महंगी भी नहीं होतीं।

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