सर्दियों में ऐसा हो खानपान:मोटे अनाज से बनी चीजें और रंग-बिरंगी सब्जियों से तैयार सूप सर्दी में शरीर गर्म रखेगा और इम्यूनिटी बढ़ाएगा

20 दिन पहले
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सर्दियां शुरू हो चुकी हैं। यह मौसम खानपान के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि हमारा शरीर अधिक कैलोनी बर्न करता है। यही वजह है कि ठंड में मोटे होने का खतरा दूसरे मौसम के मुकाबले भी कम रहता है।

आयुर्वेद और नेचुरोपैथी एक्सपर्ट डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं, सर्दियों में हम खाने की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं और मोटा अनाज खानपान में शामिल कर सकते हैं। इस मौसम में पाचन बेहतर हो जाता है और मोटा अनाज शरीर को गर्म रखने में मदद करता है।

सर्दियों में खानपान कैसा हो जो आपके शरीर को गर्म रखे, रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाए और पोषक तत्वों की कमी भी पूरी करे, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी एक्सपर्ट डॉ. किरण गुप्ता जानिए इन सवालों के जवाब...

सर्दी की शुरुआत से खानपान में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी को शामिल करें। इनसे तैयार अलग-अलग तरह की डिश को खाना बेहतर विकल्प है। जैसे- दलिया, रोटी या डोसे। इनसे तैयार डिश वजन कंट्रोल करने और शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। बशर्तें इनमें घी का प्रयोग ज्यादा न किया गया हो।

एक्सपर्ट कहते हैं, इस मौसम में कई तरह की सब्जियां आसानी से उपलब्ध होती हैं। इनका सूप बनाकर पी सकते हैं। सूप शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं। इनमें थोड़ी काली मिर्च पाउडर का प्रयोग कर सकते हैं। मिक्स वेजिटेबल के सूप में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रोगों से लड़ने की क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

इस मौसम में मैथी, पालक, सरसों, बथुआ जैसी हरी सब्जियां मिलती हैं। इनमें विटामिन ए, ई, के, फॉलिक एसिड, आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। हर दो मील्स में से कम से कम एक में यानी लंच या डिनर में इन्हें किसी न किसी रूप में अवश्य लेना चाहिए। ये वजन को कंट्रोल करने के साथ-साथ कफ दूर करती हैं। जो सर्दी के मौसम में अक्सर होता है।

इन तीनों को एक साथ या अलग-अलग भी खाया जा सकता है। ये न केवल तासीर में गर्म हैं, बल्कि आयरन के भी अच्छे सोर्स हैं जो ठंड में हमारे लिए जरूरी है। सर्दियों की एक बड़ी समस्या त्वचा का रूखा-सूखा होना है। तिल और मूंगफली के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार और मुलायम बनी रहती है। इन दिनों चाय या गाजर के हलवे जैसी चीजों में भी शक्कर की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

ज्यादातर लोग मानते हैं कि सर्दी में पसीना नहीं निकलता इसलिए पानी की कमी नहीं होती। ऐसा नहीं है। शरीर को बेहतर काम करने के लिए एक निश्चित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी की कमी आपके पाचन क्षमता पर बुरा असर डाल सकती है।

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