• Hindi News
  • Happylife
  • Small Changes In Diet And Lifestyle Cannot Prevent Weight Gain In The Long Run

मोटापे पर हुई रिसर्च में दावा:खानपान और जीवनशैली में छोटे-मोटे बदलाव लंबे समय तक वजन बढ़ने से नहीं रोक सकते

टोरंटो7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

आजकल अधिकतर लोगों की जीवनशैली पहले की तरह एक्टिव नहीं रही। कम या न के बराबर एक्सरसाइज और बैठे-बैठे काम करने से मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है। यह गंभीर बीमारियों को न्योता देने जैसा ही है।

वजन कम करने के लिए विशेषज्ञ खानपान और शारीरिक गतिविधियों में बदलाव करने की सलाह देते हैं, लेकिन कनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित हुई एक हालिया स्टडी के मुताबिक केवल छोटे-मोटे बदलावों से वजन को लंबे समय तक कंट्रोल नहीं किया जा सकता।

320 प्रतिभागियों पर दो साल तक हुई रिसर्च

  • स्टडी में ज्यादा वजन और मोटापे से पीड़ित 320 एडल्ट्स को शामिल किया गया। इनकी उम्र 25 से 70 साल के बीच थी।
  • इन प्रतिभागियों की औसत उम्र 52.6 थी और इनमें से 77% महिलाएं थीं।
  • इन्हें दो साल तक हर दिन 100 किलो कैलोरीज कम करने और दो हजार कदम बढ़ाने की सलाह दी गई।
कनाडा के 63% एडल्ट्स ज्यादा वजन या मोटापे से जूझ रहे हैं।
कनाडा के 63% एडल्ट्स ज्यादा वजन या मोटापे से जूझ रहे हैं।

मोटे लोगों पर छोटे बदलावों का असर नहीं होता

रिसर्च के लीड वैज्ञानिक रॉबर्ट रॉस कहते हैं कि ज्यादा वजन या मोटे एडल्ट्स में छोटे बदलावों का असर लंबे समय तक नहीं टिकता। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले ऐसा माना जाता था कि फिजिकल एक्टिविटी और खानपान में छोटे-छोटे बदलाव कर लंबे समय के लिए वजन कंट्रोल में किया जा सकता है। हालांकि इस स्टडी के नतीजे कुछ और ही कहते हैं।

पहले हुई रिसर्च के नतीजे इससे उलट थे

इससे पहले तीन साल में हुई एक स्टडी में पाया गया था कि ओवरवेट लोगों में छोटे बदलाव लंबे समय के लिए वजन कंट्रोल कर सकते हैं। पर अब यह रिसर्च भी गलत साबित हुई है।

फिलहाल कनाडा के 63% एडल्ट्स ज्यादा वजन या मोटापे से जूझ रहे हैं। उनका वजन ऐसी बीमारियों की वजह बन सकता है जो आजीवन साथ रहेंगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ता वजन अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गया है।