• Hindi News
  • Happylife
  • Smoking In India: How Many Smokers Are There In India? According To Lancet Journal Report Global Burden Of Disease 2021

धूम्रपान करने में भारत दूसरे पायदान पर:देश में युवा स्मोकर्स की संख्या बढ़कर 2 करोड़ हुई, दुनियाभर में हर 5 में एक इंसान की इससे हो रही मौत; लैंसेट जर्नल की रिपोर्ट में दावा

6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • लैंसेट जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज' से हुआ खुलासा
  • दुनियाभर में धूम्रपान करने वालों की संख्या बढ़कर 110 करोड़ हो गई

देश में पिछले 30 साल में युवा स्मोकर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2019 में 15 से 24 साल की उम्र वाले युवा स्मोकर्स की संख्या भारत में 2 करोड़ हो गई। 204 देशों में हुए सर्वे की रिपोर्ट कहती है, दुनियाभर में 2019 में धूम्रपान करने वाले बढ़कर 110 करोड़ हो गए हैं। यह आंकड़े द लैंसेट जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज' में जारी किए गए हैं।

टोबेको स्मोकिंग के कारण 77 लाख मौत हुईं
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में टोबेको-स्मोकिंग के कारण दुनियाभर में 77 लाख मौते हुई हैं। दुनियाभर में हर 5 में से एक पुरुष की इससे मौत हो रही है। सिगरेट पीने वालों में 89 फीसदी 25 साल तक की उम्र के युवा शामिल हैं।

इन 10 देशों में सबसे ज्यादा स्मोकर्स
रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 में दुनियाभर के 10 देशों में सबसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले मिले हैं। इन देशों में चीन, भारत, इंडोनेशिया, युनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिकी, रशिया, बांग्लादेश, जापान, तुर्की, विएतनाम और फिलीपींस शामिल है। धूम्रपान करने वालों का दो-तिहाई आंकड़ा इन्हीं 10 देशों से है।

स्मोकिंग के कारण मरीज और मौतें दोनों बढ़ीं
2019 में स्मोकिंग के कारण 17 लाख लोगों की मौत इस्केमिक हार्ट डिजीज से हुई। 16 लाख लोगों ने सीओपीडी के कारण दम तोड़ा। वहीं, स्मोकिंग की वजह से ट्रैकियल, ब्रॉन्कस और लंग कैंसर होने से 13 लाख लोगों की मौत हुई। इसके अलावा 10 लाख लोगों की मौत स्ट्रोक के कारण हुई।

मामले रोकने के लिए यह दो रणनीति लागू करना जरूरी
पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की प्रोफेसर मोनिका अरोड़ा का कहना है, भारत में युवा स्मोकर्स की संख्या काफी बढ़ी है। किसी भी देश में इसके मामलों में कमी लाने के लिए दो तरह की रणनीति को अपनाने की जरूरत है। पहली, धूम्रपान रोकने में स्मोकर्स की मदद करना। दूसरी, टीनएसर्ज में इसे रोकने का लक्ष्य तय करना। देश में पहले से ही तम्बाकू और निकोटीन के नए उत्पादों पर रोक है। कई राज्यों में ई-सिगरेट पर भी बैन है।

खबरें और भी हैं...