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जापान में चौंकाने वाला मामला:डिलीवरी के समय मां की कोख में जुड़वा बच्चों तक पहुंचा कैंसर, दुनिया में ऐसे 20 मामले

8 महीने पहले
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  • डिलीवरी के समय जुड़वा नवजात के सांस लेने पर कैंसर कोशिकाएं फेंफड़े तक पहुंचीं
  • प्रेग्नेंसी के दौरान हर 1 हजार में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर से जूझी है

जापान में कैंसर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डिलीवरी के समय सर्वाइकल कैंसर से जूझ रही मां की कोख में सांस लेने के दौरान जुड़वा बच्चों में कैंसर कोशिकाएं पहुंचीं। जन्म होने के कुछ साल बाद दोनों बच्चों को फेफड़ों का कैंसर हुआ।

दुनिया में अब तक ऐसे सिर्फ 20 मामले ही सामने आए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान हर 1 हजार में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर से जूझ रही होती है।

ऐसे बच्चे तक पहुंचा कैंसर
डिलीवरी के दौरान बच्चा गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) से होकर निकलता है। इसी दौरान ही कैंसर कोशिकाएं बच्चे के शरीर में पहुंचीं। डॉक्टर्स का मानना है, कैंसर कोशिकाएं कोख में बच्चे के चारों तरफ पाए जाने वाले एम्नियोटिक फ्लुइड तक पहुंची। डिलीवरी के दौरान जब बच्चा मुंह खोलकर रोया और सांस ली तभी ये कैंसर कोशिकाएं नवजात के फेफड़े तक पहुंच गईं।

23 महीने बाद बच्चे को हुआ कैंसर

रिपोर्ट के मुताबिक, जन्म के 23 महीने बाद पहले बच्चे में लंग कैंसर की पुष्टि हुई। वह लगातार खांसी से जूझ रहा था। करीब 1 साल तक इलाज चला। सर्जरी हुई और कीमोथेरेपी-इम्यूनोथैरेपी के कई राउंड के बाद बच्चा कैंसर मुक्त हो गया। दूसरे बच्चे को 6 साल की उम्र में सीने में दर्द शुरु हुआ। जांच में लंग कैंसर की पुष्टि हुई।

डिलीवरी के दो साल बाद मां की मौत

बच्चों को जन्म देने के 2 साल बाद मां की मौत हो गई। मौत से पहले डॉक्टर्स ने मां के ट्यूमर के नमूने लिए थे। फिर बच्चों के ट्यूमर के नमूने लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग की। दोनों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस मिला। जो सवाईकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह है।

क्या है सर्वाइकल कैंसर

मुम्बई के जसलोक हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी की कंसल्टेंट डॉ. अंजना सैनानी कहती हैं, 'सर्वाइकल कैंसर की वजह ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है। एक से अधिक पार्टनर के साथ संबंध बनाने पर इस वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है। वेजाइना से किसी तरह की ब्लीडिंग होने, अधिक लिक्विड डिस्चार्ज होने, गंध आने और सेक्स के दौरान दर्द होने पर अलर्ट हो जाएं।

हर साल सर्वाइकल कैंसर के 5.70 लाख मामले
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन जर्नल में पब्लिश रिसर्च रिपोर्ट कहती है, दुनियाभर में हर चौथी महिला सर्वाइकल कैंसर से जूझती है। हर साल इसके 5,70,000 मामले सामने आते हैं। दुनियाभर में हर साल इससे 3,11,000 मौतें हो रही हैं। सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामले महिलाओं में 35 से 44 साल की उम्र में सामने आते हैं।

कैसे बचें इस कैंसर से
कैंसर रोग विशेषज्ञ विनीत दत्ता के मुताबिक, अगर समय पर सर्वाइकल कैंसर का पता लगा लिया जाए तो इसे रोका जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर से जुड़े लक्षण दिखने पर पैप स्मियर, सर्वाइकल बायोप्सी, पेट का अल्ट्रासाउंड कराकर इसकी जांच करा सकती हैं।

दुनियाभर में महिलाओं की मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण गर्भाशय का कैंसर है। पहले पायदान पर ब्रेस्ट कैंसर है। इंडियन कैंसर रिसर्च कंसोर्टियम के सीईओ रवि मल्होत्रा कहते हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में हर मिनट पर एक महिला को सर्वाइकल कैंसर हो रहा है। समय पर जांच न होने और जरूरी थैरेपी के अभाव मामले बढ़ रहे हैं।

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