पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Happylife
  • Coronavirus Vaccine USA Update | Us Coronavirus Vaccine Latest Research Updates On Cancer Drug For Covid 19 Patients

ड्रग ट्रायल:कोरोना मरीजों पर ब्लड कैंसर की दवा का इस्तेमाल, ये उस प्रोटीन को ब्लॉक करती है जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है

4 महीने पहले
  • अमेरिका के नेशनल कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने कोरोना के 19 मरीजों पर रिसर्च की
  • दावा- ब्लड कैंसर की दवा 'एकैलब्रूटिनिब' से उस प्रोटीन को ब्लॉक कर सकती है जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने लगता है

कैंसर की दवा से कोविड-19 की गंभीरता को कम किया जा सकता है। ब्लड कैंसर की दवा से संक्रमित मरीजों की सांस लेने की तकलीफ और अधिक एक्टिव हुए इम्यून सिस्टम को कंट्रोल किया जा सकता है। यह दावा अमेरिका के नेशनल कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कैंसर की दवा कोविड-19 के इलाज में मदद कर सकती है।

सूजन की वजह बनने वाले प्रोटीन को ब्लॉक करेगी दवा
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कैंसर की दवा 'एकैलब्रूटिनिब' कोरोना के मरीजों में ब्रूटॉन टायरोसिन काइनेज (बीटीके) प्रोटीन को ब्लॉक करती है। बीटीके प्रोटीन इम्यून सिस्टम में अहम रोल अदा करता है। कई बार इम्यून सिस्टम अधिक एक्टिव हो जाता है और यह शरीर को संक्रमण से बचाने की बजाय सूजन का कारण बनने लगता है।

ये इम्यून सिस्टम में सायटोकाइनिन प्रोटीन की वजह से होता है। इस प्रक्रिया को सायटोकाइनिन स्टॉर्म भी कहते हैं। ऐसा होने में ब्रूटॉन टायरोसिन काइनेज (बीटीके) प्रोटीन का भी रोल होता है, इसलिए कोरोना के मरीजों में कैंसर की दवा से इसे ब्लॉक किया जा सकता है।

कोरोना के मरीजों में उल्टा काम कर रहा इम्यून सिस्टम
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना के मरीजों में सायटोकाइनिन प्रोटीन अधिक मात्रा में रिलीज होता है। जिसके कारण इम्यून सिस्टम के काम करने का तरीका बदल जाता है, यह सिस्टम उल्टा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने लगता है। कोरोना के 19 मरीजों पर हुई स्टडी में ये सामने आया है। जिनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घट रहा था और सूजन बढ़ रही थी।

दवा देने के 1 से 3 दिन बाद सूजन घटी, सांस लेना आसान हुआ
शोधकर्ताओं के मुताबिक, 19 में से 11 मरीजों को दो दिन तक ऑक्सीजन दी गई थी। वहीं, अन्य 8 मरीज 1.5 दिन तक वेंटिलेटर पर रहे थे। कैंसर की दवा देने के एक से तीन दिन बाद इन मरीजों में सूजन घटी और सांस लेने की तकलीफ कम हुई। 11 मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन भी हटा दी गई और उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

ब्लड रिपोर्ट में बढ़ा हुआ मिला नुकसान पहुंचाने वाला प्रोटीन

वेंटिलेटर पर लेटे 8 मरीजों में से 4 को राहत मिलने पर हटा लिया गया। इनसे में दो को डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं, अन्य दो की मौत हो गई थी। इन मरीजों की ब्लड सैम्पल रिपोर्ट में सामने आया कि इंटरल्यूकिन-6 का स्तर बढ़ा हुआ था। इस ब्लड प्रोटीन का अधिक बढ़ा हुआ होना सूजन की वजह बनता है। जो कैंसर की दवा देने के बाद कम हुआ था। 

साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, क्लीनिकल प्रैक्टिस के लिए इस दवा के इस्तेमाल की सलाह नहीं जानी चाहिए।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ग्रह स्थितियां बेहतरीन बनी हुई है। मानसिक शांति रहेगी। आप अपने आत्मविश्वास और मनोबल के सहारे किसी विशेष लक्ष्य को प्राप्त करने में समर्थ रहेंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भी आपकी ...

और पढ़ें