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इन्फेक्शन VS वैक्सीनेशन:कोरोना संक्रमण के मुकाबले वैक्सीन से इम्यूनिटी ज्यादा बढ़ती है, दोनों मिलकर बनाते हैं 'सुपर इम्यूनिटी'

वॉशिंगटन5 महीने पहले
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कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। वैक्सीन वायरस के खिलाफ हमारी इम्यूनिटी बढ़ाती है। वहीं कोरोना संक्रमण होने पर भी शरीर में एंटीबॉडीज बनती हैं। पर वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि इन दोनों में से किस तरीके से हमारा इम्यून सिस्टम सबसे ज्यादा मजबूत होता है। ये पता लगाने के लिए हाल ही में अमेरिका के सेंट ज्‍यूड चिल्‍ड्रंस रिसर्च हॉस्पिटल में एक स्टडी हुई है।

ऐसे हुई स्टडी

इस स्टडी में शामिल लोगों को तीन कैटेगरीज में बांटा गया। पहली कैटेगरी में 120 ऐसे लोगों को रखा गया जिन्हें कोरोना हुआ पर वैक्सीन नहीं लगी। दूसरी कैटेगरी में 237 ऐसे लोग रखे गए जिन्होंने कोरोना की mRNA वैक्सीन (जैसे- फाइजर और मॉडर्ना) ले रखी थी। तीसरी कैटेगरी में 42 ऐसे लोग थे जिन्हें कोरोना भी हुआ और वैक्सीन भी लगी।

संक्रमण के मुकाबले वैक्सीनेशन से इम्यूनिटी ज्यादा

इन सभी वॉलंटियर्स में कोरोना के चार वैरिएंट्स- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के खिलाफ एंटीबॉडीज के स्तर की जांच की गई। स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को हाल ही में वैक्सीन लगी थी, उनमें एंटीबॉडीज की मात्रा काफी अच्छी थी। ये कोरोना से संक्रमित हुए लोगों के मुकाबले भी ज्यादा थी।

वहीं जिन लोगों को कोरोना होने के बाद वैक्सीन लगी थी, उनकी इम्यूनिटी भी बेहतर पाई गई। इसे सुपर इम्यूनिटी भी कहा जा सकता है। ऐसे लोगों में खास तौर पर अल्फा वैरिएंट के खिलाफ इम्यूनिटी ज्यादा मजबूत थी।

डेल्टा के गंभीर संक्रमण ने इम्यून रिस्‍पॉन्‍स को किया बेहतर

डेल्टा वैरिएंट को कोरोना का सबसे खतरनाक वैरिएंट माना जाता है। इसकी लहर ने दुनिया में तबाही मचाई थी। स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि डेल्टा से संक्रमित होने पर लोगों में उतनी एंटीबॉडीज नहीं बन पातीं जितनी कि वैक्सीन लेने पर। हालांकि जिन लोगों को इसका गंभीर संक्रमण हुआ या जिनका मेटाबॉलिज्म कमजोर है, उनके इम्यून सिस्टम का रिस्‍पॉन्‍स दूसरों की तुलना में बेहतर था।

कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लेना बेहद जरूरी

News 18 की रिपोर्ट के अनुसार, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और वायरोलॉजिस्ट सुनीत कुमार सिंह कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद वैक्सीन लगवाने से शरीर में हाइब्रिड इम्यूनिटी (सुपर इम्यूनिटी) बनती है। यही वजह है कि इसके बाद बनी एंटीबॉडीज की संख्या ज्यादा होती है। सिर्फ वैक्सीनेशन या संक्रमण होने पर शरीर में एंटीबॉडीज की संख्या कम होती है। इसलिए चाहे संक्रमण हुआ हो या न हुआ हो, सभी को कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लेने की सलाह दी जाती है।