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सैकड़ों साल पुरानी गुत्थी सुलझी:हिरन से विकसित हुई व्हेल, यह मछली 5 करोड़ साल पहले जमीन पर 4 पैरों से चलती थी; पाकिस्तान में मिले अवशेष से हुई पुष्टि

2 महीने पहले
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दुनिया की सबसे बड़ी मछली व्हेल 5 करोड़ साल पहले जमीन पर 4 पैरों से चलती थी। पाकिस्तान में मिले अवशेष इसकी पुष्टि भी करते हैं। यह खुलासा अमेरिका की नॉर्थईस्ट ओहियो मेडिकल यूनिवर्सिटी ने रिसर्च में किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, करोड़ों साल साल छोटे हिरन के वंशजों से ही व्हेल मछली का विकास हुआ। वैज्ञानिक भाषा में इस जानवर को इंडोहायस कहते हैं।

ऐसे हिरन से बनी व्हेल
नॉर्थईस्ट ओहियो मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, छोटी हिरन खाने की तलाश और खुद को शिकार होने से बचाने के लिए पानी में दरियाई घोड़े की तरह तैरती थी। धीरे-धीरे वो पूरी तरह से जलीय जीव में तब्दील हो गई। इसके पैर मछली के फिन में बदल गए।

4 बड़ी बातें जो पाकिस्तान में मिले अवशेष से पता चलीं

  • डार्विन के समय से ही यह कहा जाता रहा है कि व्हेल स्तनधारी जीव से विकसित हुई है। हालांकि, यह हमेशा के एक रहस्य रहा है। इसका स्तनधारी जीव से क्या कनेक्शन है, यह अब पता चल पाया जाता है।
  • पाकिस्तान में मिले अवशेष में इसकी पुष्टि भी हुई है। अवशेष में लोमड़ी के आकार का कंकाल मिला है। इसका अध्ययन करने पर पता चला कि खोपड़ी और कान वाले हिस्से हिरन और व्हेल से काफी मिलते-जुलते हैं।
  • वैज्ञानिकों का कहना है, अब तक कि रिसर्च से सामने आया है कि इंडोहायस की ऊपरी लेयर काफी मोटी थी। यह ठीक वैसे ही थी जैसे स्तनधारियों की होती है। यही खूबी पानी में तैरने वाले स्तनधारी जीव में भी होती है, जैसे दरियाई घोड़ा।
  • इंडोहायस पानी में रहता था, इसकी पुष्टि इसके दांतों में मिले केमिकल से भी होती है। दांतों में मिले ऑक्सीजन और कार्बन आइसोटोप का स्तर बताता है कि यह पानी में रहती थी। वैज्ञानिकों का कहना है, यह खाती क्या थी, अब तक रिसर्च में यह पता नहीं चल पाया है।
अवशेष में मिले कंकाल के दांतों से भी पुष्टि होती है कि ये पानी में अपना काफी समय बिताते थे।
अवशेष में मिले कंकाल के दांतों से भी पुष्टि होती है कि ये पानी में अपना काफी समय बिताते थे।

पानी में रहकर शिकार का इंतजार करते थे

वैज्ञानिक थिविसेन कहते हैं, लगता है कि ये हिरन पानी में घंटों बैठे रहते थे और शिकार के पानी पीने का इंतजार करते थे जैसे मगरमच्छ करता है। अवशेष से पता चलता है कि इसका शरीर लोमड़ी की तरह लम्बा था और एक पूंछ भी थी। इसकी हडि्डयां व्हेल से काफी मिलती-जुलती हैं।

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