क्या आपका बच्चा नींद में 180 डिग्री घूमता है:ये आराम से सोने की स्ट्रैटजी; इंसान सीधे सोना उम्र के साथ ही सीखता है

वॉशिंगटन12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

छोटे बच्चे दिनभर तो घर में धमाचौकड़ी करते ही हैं, रात में नींद के दौरान अस्त-व्यस्त तरीके से सोकर माता-पिता को परेशान भी करते हैं। परिजन शिकायत करते हैं कि छोटे बच्चे उन्मुक्त होकर सोते हैं और हाथ-पैर मारते रहते हैं।

लेखिका जेसिका ग्रोस कहती हैं, ‘मेरी 5 साल की बेटी पागलों की तरह सोती है। जब मैं सुबह उठती हूं, तब तक वह अपनी मूल स्थिति से 180 डिग्री या इससे ज्यादा घूम चुकी होती है। उसका सिर नीचे और पैर तकिए पर होते हैं। कई बार वह आधी बिस्तर पर और आधी बिस्तर से नीचे होती है। यही नहीं, बहुत बार तो मुझे बैले डांस की मुद्रा में साेई मिलती है। सबसे खौफनाक उसका नींद में लातें मारना है, जिससे मुझे कई बार चोट तक लग चुकी है।’

नींद में घूमना ज्यादातर बच्चों के लिए सामान्य

प्रो. शेल्बी हैरिस कहती हैं- सिर को तकिए पर और पैरों को नीचे की ओर करके सोना हम उम्र के साथ सीख जाते हैं।
प्रो. शेल्बी हैरिस कहती हैं- सिर को तकिए पर और पैरों को नीचे की ओर करके सोना हम उम्र के साथ सीख जाते हैं।

ग्रोस कहती हैं, ‘बेटी के इस व्यवहार ने मुझे तीन नींद विशेषज्ञों से बात करने पर मजबूर कर दिया। मैंने उनसे पूछा कि छोटे बच्चे वयस्कों या बड़े बच्चों की तुलना में इतने ज्यादा अस्त-व्यस्त क्यों सोते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी, साइकेट्री एंड बिहेविरल साइंस विभाग की असिस्टेंट प्रो. शेल्बी हैरिस कहती हैं, ‘नींद के दौरान घूमना ज्यादातर बच्चों के लिए सामान्य होता है। वयस्कों समेत सभी लोग नींद के चक्रों के बीच जागते हैं। सिर को तकिए पर और पैरों को नीचे की ओर करके सोना हम उम्र के साथ सीख जाते हैं।

बच्चे आराम से सोने के लिए शरीर को हिलाते हैं

इसलिए जब बच्चे नींद के चक्रों के बीच जागते हैं, तो वे सबसे आरामदायक स्थिति पाने के लिए शरीर को हिलाते हैं। उन्हें परवाह नहीं होती है कि उनके सिर के नीचे तकिया है या नहीं।’ अमेरिकन एकेडमी में स्लीप मेडिसिन के फेलो लिनेल श्निबर्ग कहते हैं, ‘छोटे बच्चे सोने के लिए कुछ गैरपरंपरागत तरीके विकसित कर लेते हैं। उनकी दिनचर्या में पैरों से लात मारना, पैरों को आपस में रगड़ना या शरीर को हिलाना हो सकता है। यही प्रक्रिया वे नींद में दोहराते हैं।’

डॉ. क्रैग कैनापारी कहते हैं- नींद में बच्चों का खर्राटे लेना ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया का संकेत हो सकते हैं।
डॉ. क्रैग कैनापारी कहते हैं- नींद में बच्चों का खर्राटे लेना ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया का संकेत हो सकते हैं।

वहीं येल न्यू हेवन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक स्लीप मेडिसिन प्रोग्राम के निदेशक डॉ. क्रैग कैनापारी कहते हैं, ‘बच्चा बहुत अस्त-व्यस्तता से साेता है तो पीडियाट्रिशन से बात करने की जरूरत है।’

बच्चा उल्टा-सीधा सोता है तो पीडियाट्रिशन से बात करें

डॉ. कैनापारी कहते हैं, ‘बच्चा बार-बार उठता है और फिर मुश्किल से सोता है तो यह ज्यादा समय तक बिस्तर पर बिताना हो सकता है। बच्चा सुबह चिड़चिड़ापन दिखाए या दिन में उसे व्यवहार संबंधी समस्या हो तो अच्छी नींद न आने जैसी समस्या हो सकती है। खर्राटे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया का संकेत हो सकते हैं। पैर में दर्द की शिकायत रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का संकेत हो सकती है।

खबरें और भी हैं...