ब्रिटिश वैज्ञानिकों की रिसर्च:पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का दिमाग आधा डिग्री ज्यादा गर्म, माहवारी हो सकती है बड़ी वजह

लंदन8 महीने पहले
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महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में ज्यादा गर्म होता है। गुस्से के लिहाज से नहीं, बल्कि तापमान के हिसाब से। महिलाओं के मस्तिष्क का तापमान पुरुषों के मुकाबले आधा डिग्री तक ज्यादा गर्म होता है। खासकर दिन के समय महिलाओं के दिमाग का तापमान करीब 40.9 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

कैम्ब्रिज की MRC लैबोरेटरी फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी की रिसर्च में सामने आया कि जहां शरीर के बाकी हिस्सों का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक होता है, वहीं मस्तिष्क का औसत तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस होता है। हालांकि, मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्सों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है।

तापमान बढ़ने के पीछे माहवारी भी वजह

रिसर्च में पाया गया कि हो सकता है कि मेंस्ट्रुअल साइकिल के कारण महिलाओं के मस्तिष्क का तापमान ज्यादा हो जाता है। रिसर्च में शामिल डॉ. जॉन ओ’नील ने बताया, 'शोध में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई बार इंसान के दिमाग का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यदि इतना शरीर का तापमान बढ़ जाए तो वो बुखार की श्रेणी में आ जाता है। इतना ज्यादा तापमान उन्हीं लोगों में मापा गया है, जो कभी हेड इंजरी के शिकार हुए हों।’

उम्र के साथ भी बढ़ता है दिमाग का तापमान

मस्तिष्क का तापमान बढ़ती उम्र के साथ भी बढ़ता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ मस्तिष्क को कूल-डाउन करने की क्षमता कम होने लगती है। हालांकि, इस पर रिसर्च करने की जरूरत है कि ऐसा किसी दिमागी विकार के कारण होता है या नहीं।

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