पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Happylife
  • World No Tobacco Day Impact Of Covid19 On Tobacco Users And Its Complications

वर्ल्ड नो टोबेको-डे आज:तम्बाकू लेते हैं तो कोविड-19 होने पर लम्बे समय तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, वैक्सीन का असर भी घटता है; जानिए इससे कैसे निपटें

23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है, 27 अलग-अलग स्टडी में यह साबित हुआ है कि कोविड-19 के कारण हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीजों में 18.5 फीसदी धूम्रपान करने वाले शामिल थे। एक्सपर्ट कहते हैं, तम्बाकू का इस्तेमाल करने वालों की इम्यूनिटी कम होने के कारण इनमें संक्रमण का खतरा अधिक है। सिर्फ इतना हीं नहीं, अगर ये तम्बाकू का सेवन जारी रखते हैं तो इनमें वैक्सीन का असर भी कम रहता है।

आज वर्ल्ड नो-टोबैको डे है। इस मौके पर इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली की रेस्पिरेट्री मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. सुधा कंसल से जानिए कोरोना और तम्बाकू का कनेक्शन और इससे कैसे निपटें...

इन्हें फेफड़ों की बीमारी और ऑक्सीजन की कमी का खतरा
कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि लोग नकारात्मक भावनाओं को कम करने के लिए तम्बाकू का सेवन करते हैं। ऐसे मरीज जब अस्पताल में भर्ती होते हैं तो तम्बाकू न मिलने पर इनमें तनाव बढ़ता है और तम्बाकू छोड़ना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मरीजों में फेफड़ों की बीमारी जैसे अस्थमा, वायरल निमोनिया, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम का खतरा बढ़ता है।

महामारी में ऐसे मरीजों में कोरोना के कारण हालत अधिक नाजुक हो सकती है और लम्बे समय तक ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत पड़ सकती है। इन्हें ठीक होने में भी अधिक समय लगता है। इसके अलावा दिल की बीमारी, मुंह और गले का कैंसर होने की आशंका भी रहती है।

तम्बाकू का सेवन करने वालों के लिए वैक्सीन क्यों जरूरी?

डॉ. सुधा कहती हैं, तम्बाकू का सेवन करने वालों में इम्यूनिटी यानि बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमज़ोर हो जाती है। नतीजा, ऐसे लोगों में कोविड-19 के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। धूम्रपान करने से फेफड़ों की क्षमता घटती है। कोविड-19 के कारण सांस की बीमारियों की खतरा और अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि तम्बाकू का सेवन करने वालों के लिए कोविड-19 वैक्सीन बेहद जरूरी है।

वैक्सीन लें तो ये बातें ध्यान रखें
डॉ. सुधा के मुताबिक, तम्बाकू के सेवन से वैक्सीन का असर कम हो जाता है। ऐसे लोगों में शरीर एंटीबॉडी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाता। इसलिए वैक्सीन लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें...

  • टीकाकरण से एक हफ्ते पहले हर रात कम से कम छह घंटे की नींद ज़रूर लें।
  • शरीर में इम्यून कोशिकाओं को बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक फूड जैसे- छाछ, दहीं लें।
  • तम्बाकू का सेवन न करें, क्योंकि इससे एंटीबॉडी की प्रतिक्रिया कम हो जाती है।
  • शांत रहें और तनाव न लें। इसके अलावा गहरी सांस वाले व्यायाम करें।
  • टीकाकरण से 48 घंटे पहले शराब से दूरी बनाएं क्योंकि इससे शरीर की प्रतिक्रिया कम होती है।
  • इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करें।

चीन के बाद सबसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले भारत में
देश में पिछले 30 साल में युवा स्मोकर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। चीन के बाद सबसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले भारत में हैं। 2019 में 15 से 24 साल की उम्र वाले युवा स्मोकर्स की संख्या भारत में 2 करोड़ हो गई। यह आंकड़े द लैंसेट जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज' में जारी किए गए हैं। 204 देशों में हुए सर्वे की रिपोर्ट कहती है, दुनियाभर में 2019 में धूम्रपान करने वाले बढ़कर 110 करोड़ हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में टोबेको-स्मोकिंग के कारण दुनियाभर में 77 लाख मौते हुई हैं। दुनियाभर में हर 5 में से एक पुरुष की इससे मौत हो रही है। सिगरेट पीने वालों में 89 फीसदी 25 साल तक की उम्र के युवा शामिल हैं।

इन 10 देशों में सबसे ज्यादा स्मोकर्स
रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 में दुनियाभर के 10 देशों में सबसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले मिले हैं। इन देशों में चीन, भारत, इंडोनेशिया, युनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिकी, रशिया, बांग्लादेश, जापान, तुर्की, विएतनाम और फिलीपींस शामिल है। धूम्रपान करने वालों का दो-तिहाई आंकड़ा इन्हीं 10 देशों से है।

खबरें और भी हैं...