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शाह की महारैली के दो दिन शेष, प्रशासन ने मॉक ड्रिल कर किया पूर्वाभ्यास

पुलिस की दस कंपनियां तैनात की गई है। शहर के अलग-अलग मार्गों पर नाके लगाए गए हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 13, 2018, 07:56 AM IST

  • शाह की महारैली के दो दिन शेष, प्रशासन ने मॉक ड्रिल कर किया पूर्वाभ्यास

    झज्जर. भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की महारैली के दो शेष हैं। 15 फरवरी को जींद में होने जा रही इस महारैली के मद्देनजर प्रशासन अमला सतर्क हो गया है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सोमवार को पुलिस लाइन में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बारीकी से पूर्वाभ्यास किया। उपायुक्त सोनल गोयल और प्रवर पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन के संयुक्त नेतृत्व में मॉकड्रिल के दौरान आमजन की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने संबंधी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ऐहतियात के रूप में शहर में पुलिस की दस कंपनियां तैनात की गई है। शहर के अलग-अलग मार्गों पर नाके लगाए गए हैं।


    बाइक रैली में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीआईजी राकेश आर्य के नेतृत्व में तीन आईपीएस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें आईपीएस वसीम अकरम मंच और इसके आसपास में वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। आईपीएस राजेंद्र कुमार मीणा पंडाल में और आईपीएस हामिद अकरम के नेतृत्व में हजारों पुलिस कर्मी व पैरा मिलिट्री जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा 4 आईपीएस भी इस दौरान रैली स्थल पर व शहर में रहेंगे। सोमवार को ही काफी संख्या में पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की रैली स्थल पर तैनाती भी कर दी गई।

    जींद में अब तक पैरामिलिट्री फोर्स की 30 कंपनी पहुंची
    बीजेपी की बाइक रैली को लेकर सोमवार तक जींद में पैरामिलिट्री फोर्स की 30 कंपनियां पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा दूसरे जिलों से काफी संख्या में पुलिसकर्मी जींद पहुंचे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स की जो कंपनिया पहुंची उनमें से कई कंपनियों ने रैली स्थल से कुछ दूरी पर पांडु-पिंडारा तीर्थ स्थल पर मंदिरों, धर्मशालाओं में डेरा डाला है।

    20 एलईडी से रैली को लाइव देख सकेंगे कार्यकर्ता
    शाह की बाइक रैली में आने वाले सभी कार्यकर्ताओं को लाइव प्रसारण देखने के लिए कोई असुविधा न हो, इसके लिए 300 बाई 1250 फीट के पंडाल में करीब 20 एलईडी लगेंगी। जो 8 बाई 20 फीट साइज की होंगी। दिल्ली की कंपनी द्वारा इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। इतना ही नहीं रैली में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान की पालना दिखाई देगी। इसके लिए स्थल के पास 850 टॉयलेट बनाए जाएंगे। रैली में पूरी तरह से व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुशासन पर जोर रहेगा। इसके लिए पहले से ही पंडाल को 40 सेक्शनों में बांटा जा रहा है। अगली पंक्ति में कौन बैठेगा और बीच व आखिरी में कौन-कौन होंगे, इसके लिए बाकायदा साइन बोर्ड चस्पाए जाएंगे। रैली में आने वाले कार्यकर्ताओं की भीड़ के लिए 160 पॉइंटों पर पेयजल की सुविधा होगी।

    रैली में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए डीजीपी बीएस संधू ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि काफी धीमा काम चल रहा है। इसमें तेजी लाए। डीजीपी ने इस दौरान रैली में कहां किसके बैठने की व्यवस्था होगी, कहां से रैली में कौन आएगा इन सबका जायजा लिया।

    आपसी समन्वय के साथ काम करें
    डीसी सोनल गोयल ने कहा कि मॉकड्रिल पुलिस फोर्स के लिए तो सामान्य अभ्यास है, लेकिन सिविल प्रशासन के लिए यह अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत करनेे के लिए मॉकड्रिल भी एक हिस्सा है, जो कि समय-समय पर की जाती रहती है। डीसी ने कहा कि इस तरह का पूर्वाभ्यास हमें हर विषम परिस्थिति से निपटने के लिए मजबूती प्रदान करता है। इसके जरिए पुलिस फोर्स, पैरामिलिट्री और सिविल अधिकारियों को अपने अधिकार और कर्तव्यों को ध्यान में रख स्थिति को भांपते स्वयं निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रभारी आपसी समन्वय बनाकर रखें।

    सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूर्वाभ्यास एक प्रक्रिया
    एसपी बी. सतीश बालन ने कहा कि मॉकड्रिल कराने का असली मकसद कानून के दायरे में रहते हुए जानमाल की सुरक्षा करना है। हरियाणा पुलिस के अलावा दूसरी पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में इस तरह की मॉकड्रिल होती रहती हैं, लेकिन फिर भी पूर्वाभ्यास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में बिना किसी व्यवधान के शांति व्यवस्था कायम करना हम सबका परम धर्म है। इसके लिए हमें मिलकर कार्य करना है।

    छुट्टी पर गए कर्मचारियों व अधिकारियों को कार्यालय में रिपोर्ट के आदेश
    डीसी सोनल गोयल और प्रवर पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। साथ ही जो अधिकारी और कर्मचारी किसी प्रकार से छुट्टी पर हैं, उन्हें भी तुरंत कार्यालय में रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने मॉकड्रिल के दौरान कहा कि बिना पूर्वानुमति के कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं रहेगा।इस मौके पर एएसपी शशांक कुमार सावन, एडीसी सुशील सारवान, एसडीएम झज्जर रोहित यादव, एसडीएम बहादुरगढ़ जगनिवास, एसडीएम बादली व बेरी त्रिलोक चंद व दूसरे विभागों के अध्यक्ष शामिल रहे।

    सामाजिक भाईचारा बनाए रखने के लिए उपायुक्त ने सरपंचों के साथ की बैठक
    संवाद भवन स्थित जन-प्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक साेमवार काे उपायुक्त सोनल गोयल की अध्यक्षता में हुई। उपायुक्त ने सामाजिक सद्भावना बैठक में कहा कि जिले में सामाजिक भाईचारा और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना हमारा सभी का नैतिक दायित्व है। गांवों में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, शहर में पार्षदगण व प्रबुद्ध लोग इस दिशा में सार्थक भूमिका निभाएं ताकि अपने जिले में आपसी भाईचारा कायम रहे। गोयल ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिले में हर हाल में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में ग्राम स्तरीय शांति कमेटी का गठन तुरंत प्रभाव से करें और असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें। भाईचारा किसी भी रूप से न बिगड़ने पाए इसके लिए सभी को बेहतर ढंग से जिम्मेवारी निभानी है।

    25 बसें सौंपी प्रशासन को, ग्रामीण यात्री सेवा होंगी प्रभावित
    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जींद में आयोजित होने वाली मोटरसाइकिल रैली एवं जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से बलिदान दिवस मनाए जाने की दृष्टि से जिले में आईटीबीपी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की दस कंपनियां लगाई है। इन जवानों को लाने व ले जाने के लिए 25 बसें रहेगी। 25 बसों के प्रशासन के पास रहने से यात्री सेवा प्रभावित हुई है। सोमवार को ये अधिकांश बसें पुलिस लाइन में रही। रोडवेज जीएम लेखराज का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासनिक व्यवस्था में सभी विभागों का सांझा प्रयास है। इसके तहत रविवार से 25 बसें मांगी है। यदि प्रशासन को ओर बसों की दरकार होगी, तब इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। बसों के लौटने की व्यवस्था प्रशासन के आगामी आदेशों पर ही निर्भर है। यात्रियों को अधिक परेशानी ना हो, इसके लिए लंबे रूट की बसों को नहीं हटाया गया है। जबकि लोकल ग्रामीण रुटों पर कुछ चक्र कम किए गए हैं।

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