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छात्रा से दरिंदगी को लेकर सरकार ने किया सख्त रूख, पुलिस ने जांच के लिए गठित की SIT

सरकार ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 03:07 AM IST

कुरुक्षेत्र/इस्माइलाबाद | सरकार ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। बुढ़ाखेड़ा में छात्रा का शव मिलने के बाद पहले जींद पुलिस की भी एसआईटी बनाई थी। लेकिन तब तक छात्रा की शिनाख्त नहीं हुई थी। अब उक्त एसआईटी की जगह कुरुक्षेत्र पुलिस की डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार की अगुवाई में एसआईटी गठित की है।


खुद एसपी पूरे मामले को मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सीआईए वन प्रभारी सतीश कुमार, टू से दीपेंद्र और इंस्पेक्टर केबल सिंह एवं सब इंस्पेक्टर दलीप सिंह की अगुवाई में चार टीमें भी लगाई हैं। सोमवार को जिलेभर में सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। रविवार को कई घंटे तक लोगों ने रोष जताया था। इसके बाद दो घंटे की बातचीत व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी द्वारा मदद व परिवार के सदस्य को नौकरी देने के आश्वासन के बाद संगठन माने थे। हालांकि संगठनों की 50 लाख रुपए की मांग सरकार ने नहीं मानी। ऐसे मामलों में नियमानुसार जो मदद बनती है, उसी के अनुसार पीडि़त के परिजनों को 4 लाख 17 हजार 500 रुपए का चेक देने सोमवार को राज्यमंत्री कृष्णबेदी पीडि़ता के घर पहुंचे। मामले की जानकारी लेने तीन दिन बाद सोमवार को महिला आयोग टीम झांसा पहुंची। सदस्य नम्रता गौड़ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

विपक्ष ने दिखाए कड़े तेवर

इनेलो ने मांगा मुख्यमंत्री खट्टर का इस्तीफा : इधर, विपक्ष ने बच्चियों के साथ ज्यादती और हत्याओं की जघन्य घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है। बढ़ती ऐसी घटनाओं को लेकर मनोहर लाल खट्टर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने सीएम से कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिए जाने की मांग की है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए। इधर, बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर हरियाणा महिला कांग्रेस ने चिंता जाहिर करते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर नहीं होने के आरोप भी लगाए हैं। इस संबंध महिला कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के नेतृत्व में बुधवार 17 जनवरी को रोष प्रदर्शन के बाद सीएम मनोहर लाल को ज्ञापन भी देगी।

स्पेशल महिला कोर्ट की संभावनाएं तलाशती सरकार
महिला अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में स्पेशल महिला कोर्ट खोलने पर भी विचार कर रही है। मुख्य सचिव डीएस. ढेसी, विभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस. प्रसाद और डीजीपी को इसकी संभावनाएं तलाशने को कहा गया है। ताकि महिलाओं से संबंधित अपराधों की फास्ट ट्रैक पर सुनवाई करके दोषियों को जल्दी सजा दिलाई जा सके।

अन्य राज्यों की तर्ज पर वुमन हेल्पलाइन भी होगी सेंट्रलाइज्ड
यूपी व एमपी की तर्ज पर महिला हेल्पलाइन 1091 को भी सेंट्रलाइज्ड करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि प्रदेश में यह हेल्पलाइन पहले से ही काम कर रही है, लेकिन संसाधनों और पर्याप्त स्टाफ के अभाव में यह हेल्पलाइन प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है। लेकिन, इसी साल 1 नवंबर तक इसे केंद्रीय कंट्रोल रूम और डायल-100 से जोड़ दिया जाएगा। हरियाणा की महिला हेल्पलाइन 1091 सात दिन 24 घंटे कार्यरत है। इसे महिला थानों से जोड़ा गया है। कोई भी महिला फोन कर मदद मांग सकती है।