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चौथे दिन भी शव लेने नहीं आए परिजन, पुलिस ने हेल्पर्स संस्था से करवाया अंतिम संस्कार

जगदीप का शव सुसाइड के चौथे दिन रविवार को भी परिजन व गांव की ओर से कोई मोर्चरी में लेने नहीं पहुंचा।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 07:53 AM IST

कुरुक्षेत्र/शाहाबाद . गांव सारसा के तीन मासूम बच्चों के हत्यारोपी जगदीप का शव सुसाइड के चौथे दिन रविवार को भी परिजन व गांव की ओर से कोई मोर्चरी में लेने नहीं पहुंचा। इसके चलते 72 घंटे का समय बीतने पर पुलिस ने शाहाबाद की हेल्पर्स संस्था की मदद से जगदीप के शव का अंतिम संस्कार करवाया। हेल्पर्स संस्था ने बराड़ा रोड स्थित स्वर्गाश्रम में जगदीप का अंतिम संस्कार किया। हालांकि इस दौरान जगदीप के परिवार, रिश्तेदार या गांव की ओर से कोई मौजूद नहीं रहा।

हेल्पर्स ने निभाया फर्ज, ताकि मिट्टी लगे ठिकाने
दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाली व लावारिस शवों का संस्कार करने वाली समाजसेवी संस्था हेल्पर्स के चेयरमैन डॉ. प्रदीप गोयल, प्रधान तिलकराज अग्रवाल ने कहा कि संस्था हादसे के दौरान घायलों की मदद के साथ लावारिस शवों का संस्कार कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि शास्त्र भी हमें इस बारे में शिक्षा देते हैं कि मौत के साथ ही बुराई का अंत हो जाता है।

ग्रामीण बोले- ऐसी मानसिकता के लिए सबक
गांव सारसा के सरपंच कर्मबीर, कृष्ण नंबरदार, भले सिंह व कुलदीप सिंह ने कहा कि जगदीप ने पूरे गांव को शर्मसार किया है। ऐसी मानसिकता के लोगों का अंत में मौत के बाद भी कैसा अंजाम होता है। यह संदेश समाज को दिया गया। बता दें कि ताऊ के लड़के के तीन बच्चों समर-समीर व सिमरन के मर्डर मामले में कुरुक्षेत्र जेल में बंद जगदीप सिंह ने 28 दिसंबर को देर शाम वार्ड के बाथरूम में फंदा लगा सुसाइड कर लिया था।