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पुलिस की निष्क्रियता दिखाने के लिए थाने में चोरी की थी, मुझे थर्ड डिग्री टॉर्चर किया

सामान चोरी करने के मामले में नामजद हरिगढ़ भौरख के कुलदीप ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:17 AM IST

पिहोवा। 10 नवंबर की रात को पिहोवा थाने में घुसकर थानेदार की वर्दी, फाइलें, लैपटॉप व अन्य सामान चोरी करने के मामले में नामजद हरिगढ़ भौरख के कुलदीप ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें पुलिस पर थर्ड डिग्री देने और झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाया है।


कुलदीप के वकील जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि हाईकोर्ट में 28 मार्च को सुनवाई होगी। मामले में गृह सचिव, डीजीपी, कुरुक्षेत्र एसपी, सीआईए-टू प्रभारी, पिहोवा थाना प्रभारी, आईओ, दो सब इंस्पेक्टर समेत 9 लोगों को नोटिस हुए। वहीं पिहोवा थाना प्रभारी जयनारायण का कहना है कि मामला उनसे पहले का है। हालांकि हाईकोर्ट से कोई नोटिस या समन पुलिस को नहीं मिला है।


याचिका में बताया कि 10 नवंबर को कुलदीप थाने में गया था। रात के समय खाली थाना देखकर उसने पुलिस की पोल खोलने और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान साबित करने के लिए उसने थानेदार के कमरे से वर्दी और कुछ दूसरा सामान एक बैग में डाल लिया। अगली सुबह प्रेस कांफ्रेंस करके वह वीडियो जारी की जिसमें उसने खुद को सामान उठाते हुए दिखाया था। वीडियो बनाने और प्रेस कांफ्रेंस करने के पीछे कुलदीप का मकसद पुलिस की निष्क्रियता की पोल खोलना था।

पुलिस ने बनाया चोरी का आरोपी
कुलदीप का कहना है कि 11 नवंबर की सुबह पुलिस ने उसे ही चोरी का आरोपी बनाकर उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया। अम्बाला में उसे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आवास से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह मंत्री के सामने अपनी बेगुनाही का सबूत लेकर पेश हुआ था।

अमानवीय हरकत का भी आरोप
याचिका में कहा कि पुलिस ने उससे अमानवीय व्यवहार किया। जिस समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था उस समय की मेडिकल रिपोर्ट में कुलदीप को कोई चोट नहीं थी। लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर कुछ दिन बाद उसका मेडिकल कराया गया तो रिपोर्ट में शरीर पर छह जगह चोट के निशान मिले।