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लोगों को इंसाफ दिलाने वाली को ही नहीं मिल रहा इंसाफ, एसपी ऑफिस में हंगामा, एसएचओ बोलीं: कल तक आरोपी होंगे गिरफ्तार

आखिर लंबे समय से पुलिस और आरोपियों के बीच चल रही सांठ-गांठ से आहत होकर इस महिला एडवोकेट को परिवार के साथ सड़कों पर उतरना

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 08:15 AM IST
lady advocate file case against her family

अंबाला। प्रोफेसर असिस्टेंट के पद पर रह चुकी अम्बाला बार एसोसिएशन की रजिस्टर्ड मेंबर को ही जस्टिस नहीं मिल रहा, जबकि वह अपनी प्रेक्टि्स के दौरान कई लोगों को जस्टिस दिला चुकी हैं। आखिर लंबे समय से पुलिस और आरोपियों के बीच चल रही सांठ-गांठ से आहत होकर इस महिला एडवोकेट को परिवार के साथ सड़कों पर उतरना पड़ा। बुधवार को उन्होंने एसपी ऑफिस में हंगामा किया तो दो डीएसपी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने तुरंत महिला थाना प्रभारी को आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए।


इस पर महिला एसएचओ ने गुरुवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। साथ ही कहा कि महिला के पति की हाइकोर्ट से बेल हो चुकी है और अब मामला दोनों पक्षों के बीच मीडिएशन के लिए रखा गया है। यह सब कैंट के एक इलाके में रहने वाली महिला एडवोकेट के साथ हुआ है, जिसकी शादी दिसंबर 2015 में सुभाष कॉलोनी के एडवोकेट कर्ण के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुराल में माहौल बिगड़ने लगा। उसे बेवजह की डिमांड की जाने लगी और तरह-तरह की बातें करके ताने दिए जाने लगे।
पंडित से पूछा पेट में लड़की, पति ने कराया ऑर्बोशन| पीड़िता का कहना है कि शादी के कुछ माह बाद वह गर्भवती हुई। मगर ससुराल में उससे कहा गया कि पंडित ने पेट में लड़की बताया है, इसलिए ऑर्बोशन करवाना होगा। यह बात सुनकर वह हैरान रह गई। जब उसने गर्भपात करवाने से इंकार कर दिया तो कर्ण उससे मारपीट करने लगा, जिससे उसका गर्भ गिर गया। बाद में कर्ण ने दिल्ली में उसका ऑर्बोशन करवाया। यही नहीं इसके बाद उसे तरह-तरह की यातनाएं दी जाने लगी।
जून में घर से निकाला, सितंबर में की शिकायत| महिला एडवोकेट का कहना है कि 25 जून 2016 को ससुराल वालों ने उसे घर से बाहर निकाल दिया था। यह बात पुलिस को भी मालूम थी। मगर पुलिस उस पर समझौता करने का दबाव बनाती रही। जब उसने यह बात अपने पिता को बताई तो वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। अक्टूबर में उनकी तबीयत खराब हो गई। फिर 12 नवंबर को उनकी मौत हो गई। किसी तरह इस सदमे से बाहर आने के बाद सितंबर 2017 को उसने शिकायत की। पुलिस ने सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अक्टूबर में उसके पति कर्ण, ससुर कविंद्र चावला, सास किरण चावला व ननद कनिका चावला पर केस दर्ज किया। 21 नवंबर को पुलिस ने ससुर को दर्ज मुकदमे में दुराचार के तहत आरोपी बनाया।
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