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गांव वालों भ्रूण हत्या रोकने की शपथ दिलाता था सरपंच, खुद पैसे लेकर जांच करवाते हुआ अरेस्ट

गांव मलिकपुर समाणा के सरपंच धर्मपाल सिंह भ्रूण लिंग जांच मामले में गिरफ्तार हो गया है।

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2018, 05:17 AM IST
malikpur village sarpanch arrest from Fetal screening case

कैथल. गांव मलिकपुर समाणा के सरपंच धर्मपाल सिंह भ्रूण लिंग जांच मामले में गिरफ्तार हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकोय (फर्जी ग्राहक) की मदद से उसका भंडाफोड़ किया। धर्मपाल ने गर्भवती से भ्रूण लिंग जांच कराने के नाम पर 24 हजार रुपए मांगे थे, जब टीम ने उसे पकड़ा तो उसके पास से 18 हजार रुपए मिले। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरपंच का एक साथ अल्ट्रासाउंड मशीन व शेष रकम लेकर फरार हो गया। इसकी पहचान के लिए पुलिस ने सरपंच को एक दिन के रिमांड पर लिया है।


पीएनडीटी एक्ट की नोडल अधिकारी डॉ. नीलम कक्कड़ ने बताया कि सूचना मिल रही थी सरपंच मोटी रकम लेकर भ्रूण लिंग जांच करवाता है। विभाग ने एक गर्भवती को डिकोय बनाया और सरपंच से संपर्क करवाया। धर्मपाल 24 हजार में भ्रूण का लिंग पता कराने पर राजी हो गया। उसने गर्भवती को अजीमगढ़ गांव में बुलाया। स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. नीलम कक्कड़ के नेतृत्व में टीम का गठन किया जिसमें राजेश कुमार, डॉ. प्रदीप नागर, डॉ. गौरव, नरेंद्र कुमार को शामिल किया गया।

जाते समय टीम को चकमा देकर निकला, लौटते समय किया काबू
गर्भवती डिकोय तय समय पर गांव अजीमगढ़ में पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम सरपंच को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक तरफ छिप गई, लेकिन सरपंच गर्भवती को लेकर अपनी गाड़ी में इतनी तेजी से गांव महमूदपुर की ओर निकला की टीम चकमा खा गई। आरोपी के साथ गर्भवती महिला थी, इसलिए विभाग ने जल्दबाजी नहीं की और आरोपी के वापस आने का इंतजार किया। कुछ समय बाद आरोपी अल्ट्रासाउंड करवाकर वापस पहुंचा तो टीम ने उसे वहीं दबोच लिया। गर्भवती ने टीम को बताया कि आरोपी के साथ भ्रूण लिंग जांच में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था। जिसने गर्भ में भ्रूण की लिंग जांच की। टीम महिला व आरोपी को अल्ट्रासाउंड वाली जगह लेकर पहुंची तो वहां से दूसरा आरोपी अपनी अल्ट्रासाउंड मशीन सहित फरार हो चुका था। इस दौरान एक अन्य गर्भवती महिला भी मिली। जो भ्रूण की लिंग जांच करवाने पहुंची थी। अब वह महिला आरोपियों के खिलाफ सरकारी गवाह बन गई है। टीम महिला को पंजाब के गांव छिन्ना लेकर गई

बीएएमएस के पहचान पत्र की होगी जांचः आरोपी सरपंच की पंजाब के गांव समाणा के पास क्लीनिक बताई जा रही है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से सरपंच और काउंसिल ऑफ अल्टरनेटिव सिस्टम ऑफ मेडिसन (पंजाब) का पहचान पत्र मिला। जिसमें आरोपी की योग्यता बीएएमएस (बैचलर अॉफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) लिखी हुई है। स्वास्थ्य विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि यह फर्जी है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में भी जांच करेगा।

गांव का लिंगानुपात 857 सरपंच बेटी बचाओ अभियान में लेता था बढ़-चढ़कर भागः लिंगानुपात के आंकड़े में सुधार के लिए सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। गांव मलिकपुर समाणा में भी इस योजना के तहत कई कार्यक्रम हुए थे जिसमें खुद सरपंच ने ग्रामीणों को भ्रूण लिंग जांच रोकने की शपथ दिलाई थी। स्वास्थ्य विभाग कैथल की टीम हरियाणा, पंजाब व यूपी से पीएनडीटी के 25 केस पकड़ चुकी है, लेकिन यह पहला ऐसा मामला जिसमें खुद सरपंच ही इस गिरोह से जुड़ा मिला। मलिकपुर समाणा की पूर्व पंचायत के मुताबिक दो साल पहले तक गांव में लिंगानुपात 857 के आसपास था।

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