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SHO पर हत्या के केस की जगह 174 की कार्रवाई दिखाने पर भड़के ग्रामीण, पथराव, पुलिस ने की फायरिंग

Bhaskar news | Last Modified - Dec 04, 2017, 04:30 AM IST

यमुना नदी से रेत की ट्राॅली भरकर जा रहे गांंव अराइयांवाला निवासी चालक की मौत के मामले में रविवार को हालात और बिगड़ गए।

(यमुनानगर).यमुना नदी से रेत की ट्राॅली भरकर जा रहे गांंव अराइयांवाला निवासी चालक की मौत के मामले में रविवार को हालात और बिगड़ गए। एसएचओ बलराज सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज न होने के कारण ग्रामीणों ने बलजीत का संस्कार करने से मना कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि एसएचओ ने 1000 रुपए घूस न देने के कारण चालक की पत्थर मारकर हत्या कर दी है। वे शव लेकर फिर पांवटा साहिब हाईवे पर बैठ गए। पुलिस ने जबरन शव उठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों से तीखी झड़प हो गई।

गुस्साए ग्रामीणों को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उधर, गुस्साए ग्रामीणों ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। तब बचाव में पुलिस को हवा में फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के भी गोले छोड़े गए। झड़प में एसएचओ बुड़िया सुनील कुमार समेत दो अन्य पुलिस कर्मचारी जख्मी हो गए। ग्रामीण अम्मूराम, आदिल को भी चोटें लगी हैं। एडीजीपी आरसी मिश्रा को खुद बिगड़ी कानून व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर आना पड़ा। उधर, गांव में धारा-144 लागू कर दी गई है।


दोपहर करीब एक बजे मामले को लेकर परिजनों से फिर बातचीत शुरू हुई। डीएसपी राजेंद्र सिंह परिवार के सदस्यों को लेकर आरएसएस पदाधिकारी मुकेश गर्ग के घर पहुंचे। यहां पर स्पीकर के भाई शिव कुमार समेत अन्य मौजिज लोग थे। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। अंत में फैसला हुआ कि पुलिस ट्रैक्टर दुर्घटना के तहत केस दर्ज किया जाएगा। ताकि परिवार को बलजीत की मौत का मुआवजा मिल जाए। सरकार की तरफ से भी परिवार की आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने जिन चार युवकों को पत्थरबाजी करने के आरोप में पकड़ा था। उन्हें भी फैसले के बाद छोड़ दिया गया। एसएचओ से मारपीट करने के मामले में भी जांच की जाएगी। इसके बाद परिवार के लोग बलजीत के शव का संस्कार करने के लिए राजी हुए।

रिपोर्ट देखते ही गुस्साए परिजन
रविवार सुबह ही बलजीत का जीजा नीरज कुमार व गांव के राजकुमार खुराना, मांगेराम के साथ खिजराबाद थाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने बलजीत के मामले में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी मांगी। तब पुलिस ने उन्हें सीआरपीसी की धारा 174 तहत की गई कार्रवाई रिपोर्ट दे दी। मतलब मौत का कारण जानने की रिपोर्ट दी तो वे भड़क गए। यहां से वे सीधे विस स्पीकर कंवरपाल गुर्जर के गांव बहादुरपुर पहुंचे। स्पीकर के भाई शिव कुमार के सामने पूरा मामला रखा, लेकिन यहां पर भी बात नहीं बनी। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण शव लेकर हाईवे पर आ गए। जिसके बाद मामला गरमा गया।

21 ग्रामीणों पर केस दर्ज
उधर, पुलिस ने एसएचओ छछरौली वीरेंद्र राणा पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने 21 ग्रामीणों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस की मानें तो जांच के बाद जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा। एडीजीपी आरसी मिश्रा ने कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी बेकसूर पर केस दर्ज नहीं होगा। ग्रामीणों से भी उन्होंने शांति की अपील की।

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Web Title: SHO par Hatya ke kes ki jgah 174 ki karrvaaee dikhaane par bhड़ke garaamin, pthraav, police ne ki faayringa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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