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शर्मा दंपती के कातिलों को फाइलों में तलाश रही पुलिस तो उपप्रधान दंपती का भी नहीं लगा सुराग

टि्वन सिटी की दो बड़ी मिस्ट्री आज भी अधूरी कहानियों की तरह अनसुलझी हैं। कारण

Bhaskar news | Last Modified - Dec 27, 2017, 07:51 AM IST

शर्मा दंपती के कातिलों को फाइलों में तलाश रही पुलिस तो उपप्रधान दंपती का भी नहीं लगा सुराग

अम्बाला. टि्वन सिटी की दो बड़ी मिस्ट्री आज भी अधूरी कहानियों की तरह अनसुलझी हैं। कारण सिर्फ इतना है कि पहली को पुलिस सुलझाना नहीं चाहती और दूसरी का पुलिस सुराग नहीं तलाश रही जबकि समाजसेवी इन्हें सुलझाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। हैरत की बात यह है कि शर्मा दंपती के केस में पुलिस पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट हासिल करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं कर पाई। दूसरी तरफ नहर में बहे शहजादपुर ब्लॉक समिति के उपप्रधान दंपती कहां गए, यह बात भी आज तक शहरवासियों को पता नहीं चल पाई। जब भी पुलिस से इस संबंध में बात की गई तो हर बार रटारटाया जवाब मिला कि जांच जारी है। अब ऐसे में यह जांच किस किस पायदान पर जाकर खत्म होगी, इसकी भी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के पास नहीं है।

फरवरीमें हुआ था शर्मा दंपती का मर्डर: कैंटअशोक नगर में रहने वाले साइंस कारोबारी वीरेंद्र उनकी पत्नी लता का 5 फरवरी को किसी ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था। कातिल ने मौके पर खून के निशान तक नहीं छोड़े थे। उस दिन घर में मौजूद परिवार का लैबरा डॉग तक नहीं भौंका था।


भले ही रहस्यों से भरी इस कहानी पर विश्वास करना मुश्किल था, लेकिन इससे जुड़े तमाम राज आसपास ही घूम रहे थे जिसे कुरेदने के पुलिस ने भरपूर नाटक किए। क्योंकि दोहरे हत्याकांड से जुड़ी इस कहानी में खिड़की की टूटी हुई ग्रिल नए मोड़ की तरफ इशारा कर रही थी, मगर उसी ग्रिल के भीतर लगा शीशा तमाम कहानियों पर पूर्ण विराम लगा रहा है क्योंकि शीशा खिड़की से अटैच था।

17 मई को शहजादपुर ब्लॉक समिति के उपप्रधान सुभाष अपनी पत्नी रीना के साथ बलदेव नगर हाउसिंग बोर्ड से गायब हो गए थे। वे दोनों निजी काम का हवाला देकर पिता बेटे को भाई के घर छोड़ गए थे। करीब तीन दिन बाद उनकी कार जनसुई हेड के पास लावारिस हालत में मिली थी। उसमें सल्फॉस की डिब्बी अन्य सामान बरामद हुआ था। मगर तब से आज तक पुलिस को दोनों का सुराग नहीं मिला है जबकि पुलिस दोनों की तलाश को लेकर कई जगह सूचित भी कर चुकी है। पुलिस दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर एयरपोर्ट से सभी फ्लाइट की उड़ान को लेकर जानकारी हासिल कर चुकी है। आज तक उनका कोई सुराग नहीं लगा। हालांकि इस दंपती ने नहर में बहने से पहले दो सुसाइड नोट छोड़े थे। एक कार से तो दूसरी काॅपी घर से मिली थी। इसमें 11.50 लाख के लेनदेन की बात कही गई। खास बात यह है कि पुलिस ने दोनों को तलाशने के लिए इश्तिहार तक जारी करवाए थे। पुलिस का मानना था कि अगर यह कहीं होंगे तो इनके बारे में सूचना जाएगी। मगर आज तक पुलिस को किसी तरह की सूचना नहीं मिली। हालांकि नहर से शव मिलने के बाद पुलिस यह मान चुकी है कि दोनों कार को नहर के पास छोड़कर चले गए। वह कहां गए, इसकी जानकारी परिवार और पुलिस के पास नहीं है। इस समय गायब हुए दंपती का बेटा गांव सैनी माजरा में रह रहा है और रिश्तेदारों के पास रहकर पढ़ाई पूरी कर रहा है।


समाजसेवी सेवासिंह चौहान लड़ रहे लड़ाई
शर्मादंपती के कातिलों को पकड़ने के लिए समाजसेवी सेवा सिंह चौहान लड़ाई लड़ रहे हैं। वह कई बार पुलिस से सवाल कर चुके हैं, लेकिन पुलिस उनके सवालों का जवाब देना भी उचित नहीं समझती। इस लड़ाई को महज इसलिए लड़ा जा रहा है ताकि सच समाज के सामने सके। मगर जांच से जुड़ी तमाम टीमें समाजसेवी की भावनाओं और सहयोग को समझने का प्रयास नहीं कर रही।

- अगर कोई चोरी या लूटपाट के इरादे से घर में दाखिल होता तो सबसे पहले लैबरा डॉग को भौंकने से पहले नशीली चीज खिलाकर शांत करता। फिर ग्रिल के साथ लगे शीशे को भी तोड़कर अंदर दाखिल होता। उसके बाद बुजुर्ग दंपती का कत्ल करके लूटपाट की वारदात को अंजाम देता। मगर इस वारदात में ऐसा कुछ नहीं हुआ।


- मान लिया जाए कि लूटपाट से पहले ही बुजुर्ग दंपती उठ गए और कातिल जल्दबाजी में उनका कत्ल करके फरार हो गया। मगर उसके फरार होने से पहले जमीन या आसपास खून के निशान जरूर होते जोकि वारदात के बाद महज एक दीवार पर एक ही जगह ही मिले।
-अगर कोई बाहरी व्यक्ति इस वारदात को अंजाम देता तो वह योजनाबद्ध तरीके से घर में दाखिल होकर पूरा काम करता। चूंकि वीरेंद्र और उनकी पत्नी लता प्रतिदिन साढ़े चार बजे उठ जाते थे तो इस बात से भी कातिल कहीं कहीं वाकिफ होता। मगर ऐसा नहीं हुआ।

-मौका-ए-वारदात बयां करता है कि पहले एक पर किसी नुकीले तेजधार खंजर से बार-बार हमला किया गया। फिर आवाज सुनकर दूसरे की आंख खुली तो उसी दौरान उस पर भी हमला करके मौत के घाट उतार दिया गया।
12 मई को शहजादपुर ब्लॉक समिति उपप्रधान पत्नी संग संदिग्ध परिस्थितियों में हुए थे गायब, आज भी तलाश जारी
5 फरवरी को कैंट के अशोक नगर में रहने वाले शर्मा दंपती की किसी ने बेरहमी से की थी हत्या, आज तक नहीं लगा सुराग

दोनों मामले जांच के दायरे में हैं : एसपी
पॉलीग्राफी टेस्ट में कुछ खास नहीं आया है। अभी मामले की जांच चल रही है। दूसरा ब्लाॅक समिति उपप्रधान दंपती का भी सुराग नहीं मिल पाया है। यह मामला भी जांच के दायरे में है। अभिषेकजोरवाल, एसपी अम्बाला।

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Web Title: shrmaa dnpti ke katilon ko faailon mein tlaash rhi police to upprdhaan dnpti ka bhi nahi lgaaa suraaga
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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