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एक कोर्ट की नकल ब्रांच में पैसे लेने का वीडियो आया सामने, क्लाइंट ने राज खोला तो रिश्वत वापस देकर छुड़ाया पल्ला

अम्बाला की एक कोर्ट से नकल ब्रांच में पैसे लेने के दो वीडियो सामने आए हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 07:50 AM IST
Two video came related to same case in a court

अंबाला। अम्बाला की एक कोर्ट से नकल ब्रांच में पैसे लेने के दो वीडियो सामने आए हैं। दोनों ही वीडियो एक ही केस से जुड़े क्लाइंट द्वारा बनाए गए हैं। पहले में वह किसी अधिकारी से बातचीत करके पैसे वापस दिलाने की गुहार लगा रहा है तो दूसरे में कर्मचारी क्लाइंट को पैसे वापस देते नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत नहीं हुई है। मगर मामले को रिश्वत की रकम वापस करके दबा दिया गया।


दरअसल, सोमवार को अम्बाला की एक कोर्ट के दो वीडियो सामने आए। पहला वीडियो 1 बजकर 34 मिनट का है तो दूसरा 1 बजकर 50 मिनट का। दोनों ही वीडियो को देखने के बाद कहानी कुछ इस तरह से समझ में आती है। किसी केस से जुड़ा क्लाइंट एक कोर्ट की नकल ब्रांच में नकल लेने गया। वहां उससे 200 रुपए लिए गए। जबकि उससे इस काम के 100 रुपए लिए जाने चाहिए थे। क्योंकि क्लाइंट से 100 रुपए अधिक मांगे गए थे, इसलिए वह सीधा जज साहब से मिलने गया।
मगर वहां कमरे के बाहर एक कर्मचारी ने उसे रोक लिया और बड़े अधिकारी के पास भेज दिया। जहां वह अधिकारी को मिलने के बाद सारी बात बताता है और पैसे वापस दिलवाने की गुहार लगाता है। हालांकि क्लाइंट से अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने पैसे क्यों दिए।

क्लाइंट भी इस कड़ी के लिए जिम्मेदार
हालांकि अभी तक वीडियो की सच्चाई पर इतनी जल्दी विश्वास नहीं किया जा सकता, लेकिन देखने के बाद उस पर यकीन जरूर किया जा सकता है। अगर क्लाइंट से पैसे अधिक मांगे गए तो उसे यह बात पैसे देने से पहले अपने एडवोकेट को बतानी चाहिए थी। यही नहीं उसे कोर्ट में बैठे अधिकारियों को भी सूचित करना चाहिए था। ताकि अधिकारी संबंधित कर्मचारी से जवाब तलब करते और सच्चाई का पता लगाने का प्रयास करते। ऐसे में यह बताना जरूरी है कि अगर भविष्य में कोई इस तरह से पैसे की मांग करता है तो उस पर जागरूक रहते हुए अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।

सच्चाई जांची जाए

अगर ऐसा वीडियो सामने आया है, तो उसकी सच्चाई का पता लगाना चाहिए। मामले में सच पाया जाता है तो कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में एसोसिएशन की तरफ से भी आवाज उठाई जा सकती है।
रोहित जैन, पूर्व प्रधान, बार एसो. अम्बाला।

रिसिप्ट सिस्टम लागू हो

वैसे कोर्ट में इस तरह का काम नहीं होता। अगर कोई ऐसी हरकत करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्लाइंट और एडवोकेट को भी जागरूक होना चाहिए। इसकी शिकायत भी की जानी चाहिए ताकि ऐसे कर्मचारियों नकेल कसी जा सके। दूसरा नकल निकलवाने को लेकर रिसिप्ट सिस्टम लागू होना चाहिए। जिस पर नंबर और तारीख होनी चाहिए ताकि कर्मचारी की भी जवाबदेही तय हो। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सके।
सुशांत शर्मा, एडवोकेट अम्बाला।

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Two video came related to same case in a court
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