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अम्बाला क्लब चुनाव: आरोप-प्रत्यारोप में उलझे त्रिखा-सिकरी

भास्कर न्यूज | अम्बाला सिटी आज होने वाले अम्बाला क्लब चुनाव को लेकर चेयरमैन पद की दौड़ में खड़े सुनील मोहन...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:05 AM IST
भास्कर न्यूज | अम्बाला सिटी

आज होने वाले अम्बाला क्लब चुनाव को लेकर चेयरमैन पद की दौड़ में खड़े सुनील मोहन त्रिखा और अरविंद सिकरी एक दिन पहले एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। यह पहली बार हो रहा है जब दोनों प्रत्याशी वोट हासिल करने के लिए ओछे हथकंडे अपना रहे हैं। जिस कारण अम्बाला क्लब से जुड़े मेंबरों का रुझान चुनाव में कम होता नजर आ रहा है।

गुमराह कर रहे सिकरी: त्रिखा

लगातार दो बार क्लब के चेयरमैन रहे सुनील मोहन त्रिखा का कहना है कि अरविंद सिकरी के समर्थकों द्वारा उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह सभी निराधार हैं। सिकरी मेंबरों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उनके समर्थन को देखकर सिकरी बौखलाए हुए हैं। क्लब के सदस्यों की संख्या 650 से बढ़ाने का निर्णय 20 फरवरी 2014 को तत्कालीन सचिव कैप्टन पीके नंदा और कैशियर पवन चुघ ने लिया था और अब वही मुझ पर एसडीएम के आदेशों का हवाला देकर मेंबर बढ़ाए जाने के गलत आरोप लगाकर मेंबरों को गुमराह कर रहे हैं।

खत्म किया पारिवारिक माहौल: सिकरी

तीन साल से क्लब की सत्ता पर काबिज व्यक्ति व उसके समर्थक क्लब के चुनाव के स्तर को इतना गिरा दिया है कि अब क्लब में पारिवारिक माहौल पूरी तरह से खत्म हो गया है। जिस समय यह पहली बार चुनाव द्वारा चुनी गई बाडी आई तो क्लब के मैदान में 1.5-1.5 फुट ऊंची घास थी। इस बाडी ने क्लब को नया रूप दिया। जहां तक फंड की बात करें तो उस समय नव सदस्यता शुल्क 30 हजार था जबकि पिछले 3 साल से क्लब की सदस्यता 80 हजार या एक लाख तक कर दी गई। सत्ता पक्ष के लोगों को संविधान में विश्वास नहीं है इसलिए उन्होंने संविधान को तार-तार करते हुए अपनी मनमानी की है।

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