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ट्रेनें होंगी सीसीटीवी से लैस, वाईफाई भी मिलेगा

भाजपा सरकार का आखिरी बजट 2018-19 गुरुवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया। रेलवे काे घाटे से उबारने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:05 AM IST

भाजपा सरकार का आखिरी बजट 2018-19 गुरुवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया। रेलवे काे घाटे से उबारने के लिए इस बार बजट में रेलवे के लिए लगभग 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। इस बार किसी नई ट्रेन की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ट्रेनों में सीसीटीवी व वाईफाई सुविधा की बात कही गई है। रेल बजट से आम जनता को कई उम्मीदें थीं। इस रेल बजट में संरक्षा व सुरक्षा पर काफी ध्यान दिया गया है। रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों में सीसीटीवी व वाईफाई सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा 2020 तक अनमैंड क्राॅसिंग भी बंद किए जाएंगे। लेकिन यात्रियों को उम्मीद थी कि इस बार रेल यात्री भाड़ा कम होगा और प्रीमियम ट्रेनों में लगने वाले डायनेमिक फेयर सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा ताकि फ्लेक्सी फेयर स्ट्रक्चर से यात्रियों को टिकट लेने के लिए अधिक पैसे ने देने पड़ें। इसके अलावा यात्रियों को उम्मीद थी कि तत्काल टिकट को कैंसिल कराने के नियम बदले जाएंगे और उन्हें रिफंड की सुविधा तो मिलेगी ही, लेकिन साथ ही तत्काल बुकिंग पर लगने वाले अधिक किराया भी कम होगा। यात्रियों को निराशा ही मिली।

यह मिला रेलवे को | रेल बजट में 5000 किलोमीटर तक ब्रॉडगेज, 4000 किमी रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन,36000 किलोमीटर ट्रैक बदलना, विशेष ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफाई, बिना क्रॉसिंग वाले 4000 रेल फाटक खत्म करने, 600 रेलवे स्टेशनों का विस्तार, 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्कलेटर, 12000 वैगन, 5160 कोच व 700 लोको-मोटिव्स का निर्माण का लक्ष्य।

रेल बजट संरक्षा व सुरक्षा को लेकर बेहतर है। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के मनोरंजन के लिए जहां वाईफाई सुविधा मिलेगी तो वहीं सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। दिनेश चंद्र शर्मा, रेल प्रबंधक अम्बाला मंडल

मिक्सी उद्योग- बजट से काफी निराशा, बंद होने की कगार पर

अम्बाला सिटी | गुरुवार को सरकार ने बजट घोषित कर दिया। बजट में मिक्सी, कपड़ा और आम जनता को कोई राहत नहीं मिली। जिससे सभी में बजट को लेकर रोष देखा गया। बजट पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी तक पिछले चार सालों का सबसे घटिया बजट सरकार द्वारा पेश किया गया है, सिर्फ घोषणाएं ही की गई। जनता को राहत देने के लिए खास नहीं किया गया। देश में अम्बाला को मिक्सी उद्योग की पहचान दिलाने वाले गोपी ग्रुप के चेयरमैन बाबू राजेंद्रनाथ बजट देखकर हैरान रह गए। बाबू राजेंद्रनाथ ने कहा कि हर घर में यूज होने वाली मिक्सी पर सरकार ने 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया। यह कोई लग्जरी आइटम नहीं है। जिसपर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाए। जीएसटी लगने के बाद व्यापार बंद होने की कगार पर है। हालात बहुत खराब हो गए हैं। कई बार अवगत करवाने के बाद भी सरकार ने जीएसटी कम करने पर कोई विचार नहीं किया। जितना सरकार ने बजट में राहत देने का शोर मचाया था। बजट उतना ही खोखला निकला। उन्होंने सांसद रतनलाल कटारिया से भी बातचीत की थी। कटारिया फाइनेंस कमेटी के मेंबर है। उनका कहना था कि वह सरकार से मांग कर कुछ राहत दिलाएंगे। मगर कुछ नहीं हुआ।

राजिन्द्र नाथ।

खेती बाड़ी - शेयर बाजार में खास फर्क नहीं

अम्बाला सिटी | किसान विक्रमजीत सिंह रवालों ने कहा कि सरकार ने बजट में किसानों के लिए विभिन्न घोषणाएं की है, मगर हालात ऐसे है कि किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कई-कई दिन तक मंडी में धक्के खाने पड़ते हैं। खाद, दवाइयां महंगी हो गई है, जबकि फसल का रेट किसान को कम मिलता है। जिससे किसानों की आमदनी लगातार घट रही है। हर बार किसानों के लिए सरकार द्वारा घोषणा की जाती है। उन घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया जाता। बजट को किसानों के लिए तभी बेहतर समझेंगे, जब किसानों के लिए सरकार धरातल पर काम करेगी। और उनके लिए योजनाएं बनाकर उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करे।

विक्रमजीत सिंह।

सभी वर्गों के हित में है बजट

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने देश के वार्षिक बजट को संतुलित और जनभावनाओं के अनुरूप बजट बताया है। इससे देश के विकास को गति मिलेगी और बजट में गरीब वर्ग, किसान, मजदूर, महिलाओं, व्यापारियों, उद्यमियों सहित सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों को सफल बनाने वाला बजट बताया है।

सिटी के गीता नगरी में गोपी मिक्सिंग उघोग।

विकास को गति मिलेगी

विधायक असीम गोयल ने भी इस बजट को संतुलित और विकास को गति देने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि आयकर की दरों का भी सरलीकरण किया गया है जिससे देश के करोड़ों लोगों को राहत प्रदान की है। इससे जरूरत का सामान भी पहले की तुलना में सस्ता उपलब्ध हो सकेगा।

स्टॉक एक्सचेंज- शेयर बाजार में खास फर्क नहीं

अम्बाला| शेयर मार्केट एक्सपर्ट अनिल अग्रवाल के अनुसार जीएसटी और नोट बंदी भारत की तरक्की के लिए बहुत जरूरी था जोकि सरकार का अच्छा कदम है, जिसे आने वाली पीढिय़ां याद रखेंगी। लॉग टर्म कैपिटल गेन पर स्टॉक चार्ज 10 प्रतिशत लगा दिया है जो पहले नहीं था। इसका शेयर का कार्य करने वाले लोगों पर फर्क नहीं पड़ेगा। पहले शॉर्ट टर्म 15 प्रतिशत पर हो रहा था। मिडल क्लास और नौकरी पेशा लोगों का इस बजट से कुछ खास राहत नहीं मिलेगी क्योंकि सरकार ने इनकम टैक्स की स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है।

सभी के हितों को प्राथमिकता

विधायक संतोष चौहान सारवान ने कहा कि बजट में सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई है और ग्रामीण विकास में तेजी लाने व कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए बजट में धनराशि का विशेष प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों के लिए बजट में बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है।

इनकम टैक्स स्लैब बढ़ाने के नाम पर सरकार ने किया धोखा

महर्षि साड़ी के मालिक दयानंद महर्षि ने बजट को सरकार का धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में सबसे घटिया बजट पेश किया है। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 से पांच लाख तक बढ़ाने की घोषणा की थी। मगर सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न कर आम जनता के साथ धोखा किया है। जीएसटी और नोटबंदी से सेल में 50 प्रतिशत की कमी आई है। जिससे व्यापारियों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब ई-वे बिल से भी कपड़ा मार्केट दुकानदारों की परेशानी बढ़ेगी। मार्केट में 1400 दुकानें हैं। मगर ज्यादातर दुकानदार ई-वे बिल को लेकर जागरूक नहीं है। ज्यादातर दुकानदारों के पास कंप्यूटर ही नहीं है।

दयानंद महर्षि।

कैंट स्टॉक एक्सचेंज में शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव देखते हुए

स्वागत योग्य बजट

बजट प्रस्ताव का स्वागत करते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बजट किसानों, गरीबों व मजदूरों के कल्याण एवं कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मिल का पत्थर साबित होगा।

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