अम्बाला

  • Hindi News
  • Haryana
  • Ambala
  • फरवरी 2016 में दिखाया पूरा रिकॉर्ड, जून में कर दिया Rs.21 करोड़ का धान गायब, डायरेक्टर नीरज गिरफ्तार
--Advertisement--

फरवरी 2016 में दिखाया पूरा रिकॉर्ड, जून में कर दिया Rs.21 करोड़ का धान गायब, डायरेक्टर नीरज गिरफ्तार

अम्बाला सिटी| बराड़ा की दो राइस मिल ने मिलकर धान घोटाला करके सरकार को 21 करोड़ का फटका लगा दिया जो अब टैक्स मिलाकर...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 04:10 AM IST
अम्बाला सिटी| बराड़ा की दो राइस मिल ने मिलकर धान घोटाला करके सरकार को 21 करोड़ का फटका लगा दिया जो अब टैक्स मिलाकर करीब 25 करोड़ के आसपास पहुंच गया है। यह खेल दोनों मिल संचालकों ने बेहद संजीदगी से खेला।

असल में इन्होंने सरकार से धान उठाने के बाद फरवरी में निरीक्षण के दौरान पूरा स्टाक दिखाया, लेकिन जब अगस्त 2016 में दोबारा निरीक्षण हुआ तो रिची रिच एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड मिल से 60 हजार क्विंटल धान गायब मिला। इसी तरह दूसरी मिल से भी धान गायब कर दिया गया। अधिकारियों के बार-बार पूछने पर भी मिल संचालकों ने कोई जवाब नहीं दिया जिस पर 16 मार्च, 2017 को दोनों संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। अब स्टेट क्राइम ब्रांच पंचकूला की टीम ने डायरेक्टर नीरज गोयल को गिरफ्तार करके कोर्ट से चार दिन के रिमांड पर लिया है।

डीसी के आदेश पर एफआईआर| रिची रिच राइस मिल को 2015-16 में 16 हजार, 783 मीट्रिक टन धान चावल बनाने के लिए दिया गया। मगर अगस्त 2016 को मिल के डायरेक्टर नीरज गोयल ने 6 हजार, 14 मीट्रिक टन यानी 60 हजार क्विंटल धान गायब कर दिया जिसकी कीमत 15 करोड़, 42 लाख थी। दूसरी शिवम ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर ने छह करोड़ का धान मिल से गायब कर दिया। इस तरह यह घोटाला करीब 21 करोड़ हो गया। जब 1 अक्टूबर, 2017 को डीएफएससी ने पदभार संभालने के बाद दोनों मिल संचालकों से गायब हुई धान को लेकर जवाब मांगा तो वह समय मांगने लगे। तब डीसी को मिल संचालक की जालसाजी से अवगत करवाया गया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हैरत की बात यह है कि डीसी के आदेश पर भी पुलिस ने करीब एक माह तक एफआईआर दर्ज नहीं की। जब विभाग मिल संचालकों से करीब 21 करोड़ के धान घोटाले को लेकर जवाब मांग रहा था तो इन्होंने हाईकोर्ट में आरबिट्रेशन के लिए अर्जी दाखिल कर दी जिस पर हाईकोर्ट ने छह फरवरी का दिन निर्धारित करते हुए मामले में मिल संचालकों की प्रॉपर्टी अटैच करने का रिकॉर्ड तथा पुलिस की अभी तक की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है।

मिल को किया सील, प्रॉपर्टी भी हुई अटैच

मामले में दोनों मिल संचालकों से पूरी रिकवरी करने के लिए तहसीलदार बराड़ा की रिपोर्ट के बाद मिलों को सील किया गया। यही नहीं उनकी प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी अटैच कर दिए गए। हालांकि अभी विभाग को ईओ हुडा की तरफ से प्रॉपर्टी की डिटेल नहीं मिली है। जिस कारण वह प्रॉपर्टी अटैच नहीं हो पाई।

25 करोड़ का बन गया घोटाला


चार दिन के रिमांड पर लिया


वहीं, Rs.10 करोड़ का घोटाला, आठ गिरफ्तार, रिकवरी सिर्फ 15 लाख

नारायणगढ़| शिव शंकर राइस मिल बधौली में 2015-16 में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी, हरियाणा एग्रो और आढ़तियों ने मिलीभगत करके 10 करोड़ का धान घोटाला किया था जो फर्जी बिलिंग पर हुआ था। इसमें तीन विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और कुछ आढ़तियों की मिलीभगत पाई गई। दस लोग इस मामले में आरोपी बनाए गए। अब जांच स्टेट क्राइम ब्रांच कर रही है, लेकिन राजनैतिक प्रभाव के कारण आज भी कुछ आढ़ती कानूनी शिकंजे से बाहर हैं। 2015 में बधौली में जमीन लीज पर लेकर शिव शंकर राइस मिल की नींव रखी गई, जो सरकार को चूना लगाने के मकसद से रखी गई थी। प्रदीप कुमार को मिल का फर्जी मालिक बनाया गया। उसके दस्तावेज भी फर्जी लगाए गए। जांच में गारंटर भी फर्जी पाया गया। मास्टरमाइंड ने अधिकारियों और आढ़तियों से मिलीभगत करके धान की फर्जी बिलिंग की। कागजों में मिल को 74 हजार, 920 क्विंटल धान अलॉट हुई। अभी तक पुलिस मास्टर माइंड अजय अग्रवाल, हरियाणा एग्रो के डीएम अनूप गाचली, आढ़ती विकेश धीमान राणा, बलविंद्र, लालाराम, राकेश और मिल मालिक बनाए गए पारस तथा पीयूष को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस दस के इस घोटाले में से महज 15 लाख ही बरामद कर पाई है।

X
Click to listen..