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घुड़सवारों ने महल्ला खेल कर लोगों को किया रोमांचित, ऐसे हुआ कार्यक्रम का समापन

गांव रवालों गुरुद्वारा साहिब में तीन दिवसीय समागम का समापन, चार घोड़ों पर सवार दो घुड़सवारों लगाई दौड़

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:00 AM IST

अम्बाला सिटी। गांव वालों स्थित गुरुद्वारा हुकमसर साहिब में तीन दिवसीय महान धार्मिक गुरमति समागम का मंगलवार को समापन हो गया। सुबह श्री अखंड पाठ के भोग डाले गए। इसके उपरांत कीर्तनी जत्थों ने संगत को गुरुवाणी से निहाल किया। गुरुद्वारा साहिब में गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। दोपहर बाद घुड़सवार महल्ला खेलने के लिए तैयार हुए तो संगत गुरुद्वारा साहिब और घरों के ऊपर घुड़सवारों को देखने के लिए पहले ही जमा हो गई।

- चलदा वहीर दल बाबा विधि चंद घोड़े और हाथी दल के साथ गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार बाबा हरबंस सिंह जी और बाबा अवतार सिंह जी की अगुवाई में दौड़ स्थान तक पहुंचे। बाबा हरबंस सिंह जी घोड़े पर बैठकर यहां पहुंचे। इसके बाद घुड़सवार द्वारा खेतों में महल्ला खेला गया। जहां चार घोड़े के जोड़े पर दो चालकों ने मुंह में लगाम डालकर दौड़ से सबको हैरत में डाल दिया तो वहीं दो घोड़े पर एक चालक ने भी अपना जौहर दिखाया।

गुरुगोबिंद सिंह को समर्पित है समागम

घुड़सवारों द्वारा खेले गए महल्ला को देखने के लिए दूर-दूर से संगत पहुंची। घुड़सवारों की दौड़ के बाद गतका भी खेला गया। इस मौके पर गुरुद्वारा हुकमसर साहिब के मुख्य सेवादार बाबा हरबंस सिंह जी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु गोबिंद सिंह जी के ज्योति जोत दिवस को समर्पित तीन दिवसीय महान धार्मिक गुरमति समागम का आयोजन किया जाता है, जिसमें चलदा वहीर दल बाबा विधि चंद तीन दिन का पड़ाव करता है। पहले दिन अखंड पाठ रखा जाता है।

- तीसरे दिन अखंड पाठ के भोग के साथ कीर्तन दरबार सजाया जाता है। तीन दिवसीय समागम का शुभारंभ 19 नवंबर को किया गया था, जोकि 21 नवंबर को संपन्न हुआ। जिसमें दल मुखी बाबा अवतार सिंह जी और उनके बेटे प्रेम सिंह जी भी पहुंचे।

- पिछले कई सालों से दल गुरुद्वारा हुकमसर साहिब में सर्दियों के दिनों में ही पहुंचता है। जिसे देखने के लिए हरियाणा, पंजाब सहित अन्य जगहों से संगत पहुंचती है। इससे पूर्व 18 अक्टूबर को बाबा सावण सिंह जी बरसी भी मनाई गई थी।

- मेले में गुरुद्वारा कमेटी सदस्यों सहित बलजिंद्र सिंह नंबरदार, विक्रम सिंह नंबरदार, सतनाम सिंह रवालों, सुरजीत सिंह, दलजीत सिंह, गुलजार सिंह, सोहन सिंह, अमरजीत सिंह नंबरदार गुरदयाल सिंह सहित अन्य सेवादार मौजूद रहे।