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18 लाख में सौदा, ASI और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने एग्जामनी तक पहुंचाई थी आंसर-की

एचएसएससी के पेपर लीक और नकल कराने की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

कुलभूषण सैनी | Last Modified - Nov 07, 2017, 04:41 AM IST

यमुनानगर. एचएसएससी के पेपर लीक और नकल कराने की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। गिरोह ने 23 जुलाई 2017 को हुए फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के पेपर को भी लीक किया था। उसकी आंसर-की मधुबन स्कूल में बने सेंटर में परीक्षा देने पहुंचे सोनीपत के सेक्टर-14 निवासी तेजिंद्र मलिक तक पहुंची भी थी।

आंसर की परीक्षार्थी तक पहुंचाने में एक पुलिस कर्मी और सेंटर पर तैनात कर्मचारी ने अहम भूमिका निभाई थी। यह खुलासा पुलिस की डिस्क्लोजर रिपोर्ट में हुआ है। आरोपी महम के कॉलेज संचालक सतीश राठी से 7 दिन रिमांड के दौरान पूछताछ की थी। पुलिस के मुताबिक परीक्षार्थी तेजिंद्र मलिक के कोर्ट ने 24 अक्टूबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। 31 को उसने एडीजे नरेश कातियाल की कोर्ट में जमानत याचिका लगाई, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया। आरोपी फरार है। सीआईए वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि डिस्क्लोजर रिपोर्ट में जिसका भी नाम आ रहा है, उसे आरोपी बनाया जा रहा है। इसमें एएसआई वेदपाल मोर का नाम भी सामने आया है।
यह हुआ खुलासा
सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर राणा के मुताबिक पुलिस कर्मी की ड्यूटी पेपर में नहीं थी, लेकिन वह वर्दी डालकर ऐसे ही परीक्षा सेंटर में गया था। इस दौरान उसने मनीष नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर तेजिंद्र मलिक तक आंसर की पहुंचाई थी। पुलिस यह भी मान रही है कि मनीष नाम का कर्मचारी भी सेंटर पर ड्यूटी पर था। मनीष कहां का रहने वाला है। इसका पता तेजिंद्र मलिक की गिरफ्तारी के बाद चलेगा। पुलिस कर्मी के मोबाइल पर आंसर की आई थी। पुलिस कर्मी विद्युत नगर हिसार निवासी है।
पेपर लीक कराने का गैंग सक्रिय, होंगे और खुलासे
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार आंसर की परीक्षा सेंटर के अंदर तक पहुंचाने का सौदा सतीश राठी के साथ 18 लाख रुपए में हुआ था। तीन लाख रुपए एडवांस दिए थे। ये पैसा पांच हिस्सों में बांटा था। तीन लाख रुपए में से 60 हजार रुपए महम निवासी कॉलेज संचालक सतीश राठी, हांसी के विकास नगर निवासी सोनू उर्फ दिनेश, मोनू उर्फ मनोज, राजेंद्र और पुलिस कर्मी वेदपाल मोर में 60-60 हजार रुपए हिस्से आए थे। यह पेपर लीक व नकल कराने का एक गैंग है। आरोपियों से पूछताछ में जिसका भी नाम आएगा उसको आरोपी बनाया जाएगा। अभी और कई खुलासे हो सकते हैं।
14 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद सतीश ने उगले थे राज
30 जुलाई को एचएसएससी की ओर से आयोजित आबकारी एवं कराधान विभाग के इंस्पेक्टर की परीक्षा थी। परीक्षा के बाद जगाधरी से पुलिस की तीन गाड़ियां एक कार का पीछा कर रही थी। कार चांदपुर में जाकर घेर ली। इस दौरान चालक भागने में कामयाब हो गया। कार में महम निवासी मां-बेटी थी। चित्राक्षी ने बताया था कि इंस्पेक्टर का पेपर था। वह अपनी मां सुशीला के साथ यमुनानगर आई थी। रात को वे मधु होटल में रुकी। इस दौरान सतीश राठी आया और उन्हें बैठाकर हिंदू गर्ल्स कॉलेज में ले गया। इंस्पेक्टर पेपर की अांसर-की का सौदा पांच लाख में हुआ था। 1.20 लाख रुपए एडवांस में लिए थे। पुलिस ने 14 सितंबर को इस मामले में सतीश को गिरफ्तार किया था। पहले पांच दिन के रिमांड पर लिया फिर दो दिन के रिमांड पर कई राज उगले थे।
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