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चार दिन पहले जारी आदेश से सरकार का यू-टर्न 8200 रोडवेज चालक और परिचालक पक्के रहेंगे

परिवहन महानिदेशक ने फिर जारी किए नए आदेश, कहा- कंफ्यूजन में लिया था फैसला।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 06:33 AM IST

यमुनानगर(अंबाला)। चार दिन पहले राज्य सरकार की ओर से पक्के कर्मचारियों को कच्चा करने के अपने आदेश जारी करने से पलट गई। परिवहन महानिदेशक ने कंफ्यूजन में यह फैसला लेने की बात नए आदेश में कही है। अब सरकार ने 2003 में भर्ती हुए चालकों परिचालकों को फिलहाल पक्का रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। कच्चा करने के आदेश आने के बाद सरकार के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन छेड़ दिया था।

- शुक्रवार को इस सिलसिले में सभी मुख्यालयों पर कर्मचारियों ने करीब दो-तीन घंटे प्रदर्शन भी किया। वहीं, कर्मचारियों ने 2 दिसंबर को बैठक कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। दरअसल, 20 नवंबर को परिवहन महानिदेशक की ओर से स्टेट ऑफ हरियाणा एवं अन्य बनाम मोहिंदर सिंह अन्य के मामले को आधार बनाकर सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को पत्र जारी किया था। इसमें कहा था कि 2003 में नियुक्त चालक-परिचालकों को स्थाई माना जाए।

- जबकि 2015 में इन कर्मचारियों को सरकार ने स्थाई कर्मचारी घोषित किया था। आदेश आते ही सरकार के इस फैसले के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी यूनियन एकजुट हो गई थी। तब सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की रणनीति बनाई गई। इसके लिए शुक्रवार को सांकेतिक प्रदर्शन भी शुरू हुए।

- विरोध की वजह से सरकार पीछे हटने को मजबूर हो गई। शुक्रवार शाम को परिवहन महानिदेशक की ओर से सभी डिपो महाप्रबंधकों को नए आदेश जारी कर दिए गए। इसमें साफ कहा गया कि 20 नवंबर को कंफ्यूजन में ये आदेश भेजे गए थे। चालक-परिचालकों को कच्चा नहीं किया जाएगा।


2 को रोहतक में जुटेंगे कर्मी

- प्रदेश के रोडवेज के कर्मचारी मांगों को लेकर 2 दिसंबर को रोहतक में जुटेंगे। यहां हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।

- हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान इन्द्रसिंह बधाना ने एक संयुक्त बयान जारी का दावा किया कि शुक्रवार का सभी डिपुओं पर प्रदर्शन सफल रहा। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी कई मांगें हैं।