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स्वामी ज्ञानानंद पर सरकार और केडीबी मेहरबान, 600 रुपए में गीता खरीदने, 9 एकड़ जमीन देने पर उठे सवाल

समाराेह में सरकार और प्रशासन की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज को दिया जा रहा महत्व सवालों के घेरे में आता जा रहा है

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 07:57 AM IST

कुरुक्षेत्र. अंतररष्ट्रीय गीता जयंती समाराेह में सरकार और प्रशासन की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज को दिया जा रहा महत्व सवालों के घेरे में आता जा रहा है। पिछले दिनों उनकी लिखी गीता 600 रुपए में खरीदकर गणमान्य व्यक्तियों को उपहार स्वरूप देना और गीता शोध संस्थान के नाम से सरकार की ओर से 9 एकड़ जमीन दिए जाने के फैसले चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मंगलवार को इन सब मामलों पर स्वामी ज्ञानानंद ने खुद सफाई दी। उन्होंने कहा कि मैंने केडीबी को कभी नहीं कहा कि वे मेरी लिखी गीता खरीदें। यह गीता मनोज प्रकाशन ने तैयार की है। उसी ने कीमत तय की है। मुझे भी प्रकाशक से डिस्काउंट पर मिलती है। गीता जयंती के मद्देनजर केडीबी ने इसे बांटने का खुद ही निर्णय लिया। मुझे नहीं पता कि केडीबी ने प्रकाशक से कितनी और कितने में गीता खरीदी। वहीं, गीता शोध संस्थान को 9 एकड़ जमीन दिए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि मैंने सरकार को सुझाव दिया था कि यहां मंदिर तो काफी हैं, लेकिन गीता पर शोध के लिए कोई बड़ा संस्थान होना चाहिए। सरकार ने यह जिम्मा मुझे सौंप दिया। करीब छह एकड़ जगह तीन साल पहले दी थी। बाद में राज्यपाल व सीएम ने खुद प्रपोजल देखने के बाद और तीन एकड़ जमीन संस्थान को और दे दी।

गणमान्यों को मिलेगी गीता

बता दें कि गीता महोत्सव में आने वाले गणमान्य लोगों को प्रशासन किट बैग भेंट करेगा। वहीं सभी जिलों में पांच-पांच बैग भेजे जा रहे हैं। इनमें अतुल्य कुरुक्षेत्र के साथ स्वामी ज्ञानानंद लिखित गीता भी भेंट की जाएगी। इसका प्रकाशन मूल्य 600 रुपए है। इसे लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाया कि जब बाजार में गीता प्रेस गोरखपुर की 30 रुपए से 100 रुपए तक की गीता मौजूद हैं तो इतनी महंगी गीता बांटने का क्या औचित्य? ।


केडीबी सीईओ बोलीं: मीटिंग में हुआ गीता खरीदने का फैसला
वहीं केडीबी की सीईओ पूजा चांवरिया का कहना है कि 600 रुपए में गीता नहीं खरीदी गई है। प्रकाशक से 32 प्रतिशत डिस्काउंट पर लगभग एक हजार पुस्तकें ली जाएंगी। अभी डिस्काउंट और ज्यादा कराने के लिए केडीबी प्रयासरत है। ज्ञानानंद महाराज की पुस्तक लेने का फैसला केडीबी की मीटिंग में काफी सोच विचार कर लिया। संस्थानम को जमीन देने संबंधित मामला उनके आने से पहले का है।

गीता संस्थानम में राष्ट्रपति करेंगे पुस्तकालय का शिलान्यास
ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि शोध केन्द्र में पवित्र ग्रंथ गीता के एक-एक शब्द पर शोध किया जाएगा। गीता ग्रंथालय में गीता से संबंधित विश्व का सारा साहित्य उपलब्ध होगा। इस प्रोजेक्ट की आधारशिला 25 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रखेंगे। स्वस्थ राजनीति-समृद्ध राष्ट्र गीता पर लिखी पुस्तक का विमोचन होगा। इसके बाद व्यवसाय प्रबंधन, वरिष्ठ नागरिकों समेत अन्य क्षेत्रों को भी गीता से जोड़कर पुस्तक लिखी जाएगी। स्कूलों में गीता विषय पढ़ाया जाए इसपर भी फोकस किया जा रहा है। 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में संत सम्मेलन होगा।