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दावे इंटरनेशनल महोत्सव के, ना दिखा मॉरिशस-ना स्टेट पार्टनर उत्तरप्रदेश की धमक

पिछले साल अंतरराष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दे चुकी है। इस बार 18 करोड़ रुपए खर्च कर भव्य स्तर पर गीता महोत्सव मनाने के दावे

संजीव राणा | Last Modified - Nov 27, 2017, 04:55 AM IST

कुरुक्षेत्र.गीता जयंती उत्सव को बेशक सरकार पिछले साल अंतरराष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दे चुकी है। इस बार 18 करोड़ रुपए खर्च कर भव्य स्तर पर गीता महोत्सव मनाने के दावे हुए। तय हुआ कि इंटरनेशनल दर्जे के अनुरूप बकायदा कंट्री व स्टेट पार्टनर भी रखे जाएंगे। मारीशस को कंट्री तो यूपी को स्टेट पार्टनर बनाया। लेकिन मारीशस की भागीदारी महज कलाकारों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक ही है। वहीं यूपी का पैवेलियन भी उदघाटन सत्र तक तैयार नहीं हुआ। पैवेलियन बनाया जरूर है पर उसका कोई प्रचार प्रसार नहीं। जिसके चलते अधिकांश पर्यटकों को यह पता ही नहीं कि यूपी की भागीदारी क्या है।

पैवेलियन में यूपी के सांस्कृतिक रंग, यूपी नाइट व यूपी का जायका परोसा जाना है। पर दूसरे दिन भी पैवेलियन एक तरह से खाली रहा।

नहीं निभी परंपरा: नहीं तय हुए अतिथि-ना न्योता : 2002 में गीता जयंती को राष्ट्रीय महोत्सव का दर्जा दिया गया था। इनमें बकायदा प्रदेश व केंद्र के मंत्रियों को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित करने की परंपरा रही है। लेकिन अबके अतिथियों को लेकर ही फाइनल नहीं हो पाया।

मंत्रियों-सांसदों को न्यौता: पहुंचा एक भी नहीं : उत्सव में सभी सभी केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों को न्यौता भेजने का दावा किया गया । लेकिन स्थानीय सांसद भी अब तक उत्सव में शामिल नहीं हुए।

वैश्विक भागीदारी बढ़ा रहे :डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि मारीशस के अलावा चार और देशों के भी सांस्कृतिक प्रोग्राम होंगे। यूपी पैवेलियन में यूपी नाइट के अलावा सांस्कृितक गतिविधियां कराई जा रही हैं।

मंत्रियों-सांसदों को न्यौता:पहुंचा एक भी नहीं : उत्सव में सभी सभी केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों को न्यौता भेजने का दावा किया गया । लेकिन स्थानीय सांसद भी अब तक उत्सव में शामिल नहीं हुए।

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