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आज मनेगी गीता की 5154वीं जयंती, 18 हजार बच्चे बनाएंगे विश्व रिकॉर्ड

धर्मनगरी में आज मार्गशीर्ष माह की एकादशी पर गुरुवार को पूरी भव्यता से गीता की 5154वीं जयंती मनाई जाएगी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 30, 2017, 07:58 AM IST

आज मनेगी गीता की 5154वीं जयंती, 18 हजार बच्चे बनाएंगे विश्व रिकॉर्ड

कुरुक्षेत्र . धर्मनगरी में आज मार्गशीर्ष माह की एकादशी पर गुरुवार को पूरी भव्यता से गीता की 5154वीं जयंती मनाई जाएगी। एक तरफ धार्मिक आयोजन होंगे। खास आकर्षण 18 हजार बच्चों के सामूहिक गीता श्लोकोच्चारण रहेगा। इसके लिए विभिन्न जिलों से 18 हजार 16 बच्चे कुरुक्षेत्र पहुंचे हैं। हालांकि उक्त बच्चे गीता पाठ करते हुए मुख्य रूप से 18 श्लोकों का उच्चारण करेंगे। एक-एक हजार के 18 ब्लाक थीम पार्क में बनाए हैं। एक हजार शिक्षक जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ग्लोबल चेंट आॅन गीता होगी, जिसमें विश्वभर में गीताश्लोकोच्चारण का लाइव प्रसारण होगा।
वहीं करीब 25 देशों में लोग इसमें हिस्सा लेंगे। इस बार मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी। उनका करीब 10 बजे कुरुक्षेत्र आने का प्रोग्राम था, लेकिन अब वे 12 बजे पहुंचेंगी। यहां सरकार की ओर से उनका सम्मान किया जाएगा। समापन पर शाम को सीएम मनोहरलाल दीपदान करेंगे। साथ में राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, रेल राज्यमंत्री राजन गोहेन,प्रदेश सरकार के कई मंत्री व विधायक भी महोत्सव में आएंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंच सकते हैं। उधर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कार्यक्रम स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण रद्द हो गया है।

हेमा मालिनी की नृत्य प्रस्तुति अाज
सुबह ज्योतिसर तीर्थ पर 10 बजे गीता याचना होगी। 10 बजे मेला ग्राउंड में अष्टादश श्लोकों का अभ्यास होगा। पुरुषोत्तमपुरा बाग में 11 बजे एनजेडसीसी की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम, 12 बजे मेला ग्राउंड, ब्रह्मसरोवर व ज्योतिसर में ग्लोबल गीता चेंट, साढ़े पांच बजे पुरुषोत्तमपुरा में ग्रांड महाआरती व दीपदान, 6 बजे मल्टी मीडिया लेजर शो, 6.30 बजे हेमा मालिनी की राधा रास बिहारी नृत्य नाटिका, डाॅ. ममता जोशी की भजन संध्या होगी।

यूं मानते हैं 5154वीं गीता जयंती : तीन साल पहले 5151वीं गीता जयंती से यह प्रचलन शुरू हुआ। पुरातत्वविद् राजेंद्र सिंह राणा के मुताबिक काल निर्धारण में कई तथ्य शामिल हैं। एहोली, कर्नाटक में मिले पुलकेश्नि द्वितीय के शिलालेख और आर्यभट्ट की कलयुग की गणना आधार है। 3101 बीसी पूर्व कलयुग के आगमन से 36 साल पहले महाभारत हुई। ऐसे में कुल 3137 बीसी पूर्व में महाभारत युद्ध हुआ। इसमें वर्तमान 2017 ईस्वी जोड़ने पर योग 5154 आता है। इसलीए 2017 की गीता जयंती 5154वीं जयंती है।

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Web Title: aaj mnegai gaitaa ki 5154vin jynti, 18 hazaar bchche banayegae vishv rikord
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